मनोज कुमार के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धाजंलि, लिखा- 'वे भारतीय सिनेमा के प्रतीक थे'
Manoj Kumar Death: वेटरेन एक्टर मनोज कुमार का शुक्रवार 4 अप्रैल की सुबह निधन हो गया। वे 87 साल के थे। मनोज कुमार को भारत कुमार के नाम से भी जाना जाता था। मनोज को लोग उनकी देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जाते थे। उनकी फिल्मों के गानों में 'भारत की बात सुनाता हूं' और मेरे देश की धरती सोना उगले' जैसे गाने बहुत फेमस रहे हैं।
मनोज के निधन से फिल्म इंडस्ट्री के अलावा देशवासी भी गमगीन हैं। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने X ट्वीटर पर लिखा, महान अभिनेता और फिल्ममेकर श्री मनोज कुमार जी के निधन की खबर सुन बहुत दुःख हुआ। वे भारतीय सिनेमा के प्रतीक थे, जिन्हें ख़ास तौर पर उनकी देशभक्ति के जोश के लिए याद किया जाता था। जो उनकी फ़िल्मों में भी झलकता था। मनोज जी के कामों ने राष्ट्रीय गौरव की भावना को जगाया और वे पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।

मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को भारत की आजादी से पहले हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी के रूप में पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत के लाहौर के एबटाबाद में हुआ था। विभाजन के बाद वह अपने परिवार के साथ दिल्ली के एक शरणार्थी शिविर में पले-बढ़े। फिल्मों और अभिनेताओं के प्रशंसक रहे मनोज कुमार 1956 में मुंबई आ गए। उनकी पहली फिल्म फैशन 1957 में रिलीज हुई, जिसमें उन्होंने 90 साल के भिखारी की भूमिका निभाई। इसके बाद कई भूली-बिसरी फिल्में कीं, जिसमें मनोज को 1962 में विजय भट्ट की हरियाली और रास्ता से सफलता मिली। वो कौन थी, गुमनाम, दो बटन और हिमालय की गोद में उनकी कई हिट फिल्में थीं, लेकिन मनोज ने अमर शहीद (1965) में भगत सिंह के रूप में अपना सबसे यादगार प्रदर्शन दिया।
मनोज कुमार को उनके देशभक्ति विषय वाली फिल्मों में अभिनय और निर्देशन के लिए जाना जाता है, जिनमें "शहीद" (1965), "उपकार" (1967), "पूरब और पश्चिम" (1970), और "रोटी कपड़ा और मकान" (1974) शामिल हैं। भारतीय सिनेमा में मनोज कुमार के योगदान के लिए 1992 में पद्मश्री और 2015 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।












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