कौन हैं वसीम रिजवी यानी जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी? कहा जा रहा सनोज मिश्रा केस का 'मास्टरमाइंड', जानें सच
Monalisa and Sanoj Mishra Case: बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर सनोज मिश्रा इस समय सुर्खियों में छाए हुए हैं। सनोज मिश्रा ने कुछ समय पहले ही महाकुंभ 2025 की वायरल गर्ल मोनालिसा को फिल्म में बतौर हीरोइन के रूप में लेने की बात कही थी। वहीं अब एक महिला के आरोप के चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
सनोज मिश्रा केस में बड़ा खुलासा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डायरेक्टर सनोज मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने रेप के मामले में गिरफ्तार किया है। इस मामले ने बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में सनसनी मचा दी है। लेकिन अब खबर आ रही है कि सनोज मिश्रा पर आरोप लगाने वाली महिला ने अपने ही बयान से पलटते हुए अब नया खुलासा किया है।

आरोप लगाने वाली महिला ने लिया यू-टर्न
-कहा जा रहा है कि सनोज मिश्रा पर आरोप लगाने वाली महिला ने यू-टर्न ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सनोज मिश्रा पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला ने अब दावा किया है कि उसे इस मामले में फंसाया गया था।
-हाल ही में सामने आए एक वीडियो में महिला ने खुलासा किया है कि वो पिछले 5 सालों से सनोज मिश्रा के साथ थी और उनके बीच लड़ाई-झगड़े होते रहते थे। महिला ने वीडियो में कहा है- वसीम रिजवी ने इस मामले का गलत फायदा उठाया है और मुझे सनोज मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए उकसाया गया है
-महिला ने कहा है कि वसीम रिजवी के अलावा, रवि सुधा चौधरी, अनीता उपाध्याय और हाईकोर्ट के वकील रंजन सिन्हा ने मिलकर उसे इस मामले में फंसाया है। उसने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने उसे मानसिक रूप से परेशान किया है और फिर जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, तो वो लोग धमकियां देने लगे थे।
-महिला के मुताबिक- मैंने गुस्से में आकर एफआईआर दर्ज करा दी थी, लेकिन जब मुझे पता चला कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। इसके बाद मैंने इसे वापस लेने की कोशिश की है। महिला ने दावा किया है कि वकीलों ने उसे चुप रहने के लिए कहा है और धमकी भी दी गई है।
-जनसत्ता की खबर के मुताबिक डायरेक्टर पर आरोप लगाने वाली महिला ने वीडियो में कहा है कि उसके साथ कोई रेप नहीं हुआ है और उसने अपनी मर्जी से सनोज मिश्रा के साथ रहना चुना था। उसने कहा है कि ये पूरा मामला एक साजिश का हिस्सा है, जिसका मास्टरमाइंड वसीम रिजवी है।
कौन हैं जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी?
-जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी का पूर्व नाम वसीम रिजवी है। वह उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही वह फिल्म निर्माता और राइटर भी हैं। वसीम रिजवी ने सबसे पहले नगर निगम का चुनाव लड़ने का फैसला किया था। यहीं से उनके राजनीतिक करियर की शुरूआत हुई थी।
-इसके बाद जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी वक्फ बोर्ड के सदस्य बने थे और उसके बाद चेयरमैन के पद तक पहुंचे थे। वह लगभग 10 सालों तक बोर्ड में रहे थे। अपने बयानों और कार्यशैली की वजह से जितेंद्र हमेशा विवादों में रहे हैं। उनके खिलाफ लखनऊ में कई मुकदमें दर्ज हैं।
जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी का परिवार
-वहीं अगर जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के परिवार की बात करें तो उनकी पर्सनल जिंदगी भी कुछ खास नहीं रही हैं। उनके भाई पहले ही उनसे रिश्ता तोड़ चुके हैं। इसके अलावा जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने दो शादियां की हैं। हालांकि उनकी दोनों पत्नियां अलग रहती हैं। उनकी बेटियों की शादी भी हो चुकी है, जबकि एक बेटा पढ़ाई कर रहा है।
-मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के ड्राइवर की पत्नी ने उन पर दुष्कर्म, धमकी और अश्लील वीडियो बनाकर शारीरिक शोषण करने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। उन पर ये मामला अभी भी चल रहा है।
जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी का राजनीतिक करियर
आपको बता दें कि जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी साल 2000 में लखनऊ में ओल्ड सिटी के कश्मीरी मोहल्ला वार्ड से समाजवादी पार्टी (सपा) के नगरसेवक चुने गए थे। वहीं साल 2008 में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य बने थे। इसके बाद साल 2012 में, जितेंद्र नारायण सिंह को 6 साल के लिए सपा से निष्कासित कर दिया गया था, क्योंकि उन पर पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
वसीम रिजवी ने किया था धर्म परिवर्तन
अपने विवादित बयानों के चलते जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी कई बार मुश्किलों में फंस चुके हैं। उन पर इस्लाम-विरोधी होने का आरोप भी लग चुका है। इस्लामी इमामों के द्वारा उन्हें इस्लाम से खारिज भी कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने 6 दिसंबर 2021 को डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद गिरि महाराज की उपस्थिति में हिंदू धर्म में घरवापसी की थी।












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