जब नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद घमंडी हो गए थे मिथुन चक्रवर्ती, निर्माता ने कहा-'दफा हो जाओ'
Mithun Chakraborty: बॉलीवुड के दिगग्ज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिलने वाला है। इस बीच एक्टर ने अपने फिल्मी करियर से जुड़ा एक किस्सा साझा किया। एक्टर ने बताया कि जब उन्हें पहली बार नेशनल अवॉर्ड मिला था तो वह काफी घमंडी हो गए थे।
मिथुन चक्रवर्ती ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। एक्टर को डिस्को डांसर के रूप में भी जाना जाता है। एक नए इंटरव्यू में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने सफर के बारे में बात की और बताया कि कैसे उनकी सोच बदली जब उन्होंने अपनी पहली फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता।

मिथुन ने कहा, " फिल्म मृगया के बाद, मुझे मेरा पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। जैसे ही यह हुआ, मैं अल पचिनो की तरह बर्ताव करने लगा था। मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं सबसे बड़ा अभिनेता हूं। मेरा एटिट्यूड बदल गया, तो एक प्रोड्यूसर ने देखा और कहा, 'बाहर निकल जाओ।' इसके बाद मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ।"
उन्होंने आगे कहा, "यह सफर मेरे लिए बहुत कठिन था। कई लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं अपनी जिंदगी पर आत्मकथा क्यों नहीं लिखता। मैं कहता हूं कि नहीं, क्योंकि मेरी कहानी लोगों को प्रेरित नहीं करेगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास खो जाएगा। यह इतना मुश्किल, दर्दनाक और कठिन था। मैं कोलकाता से आया और मुंबई में भी बहुत मुश्किलें आईं। कभी-कभी मुझे खाना नहीं मिलता था और मैं फुटपाथ पर सोता था।"
मिथुन चक्रवर्ती के बॉलीवुड करियर की बात करें तो उन्होंने 'डिस्को डांसर', 'अग्निपथ', 'जल्लाद', और 'दालाल' जैसी सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्हें 'तहादेर कथ' और 'स्वामी विवेकानंद' के लिए भी राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। अब इंडस्ट्री में अपना योगदान देने के लिए एक्टर को जल्द ही दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड मिलने वाला है।
मिथुन ने अवॉर्ड के लिए अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा था कि, 'मैं सच कहूं तो मेरे पास कोई भाषा नहीं है, ना मैं हंस सकता हूं और ना ही खुशी से रो सकता हूं। मेरे लिए बहुत बड़ी चीज है और मैं इस अवॉर्ड को अपने परिवार और उन लाखों फैंस को डेडिकेट कर रहा हूं। जिन्होंने मुझे इतना प्यार दिया।'
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