Exclusive: पर्दे पर कौन बन सकता है लता मंगेशकर? जानिए बैजू ने किसका लिया नाम और क्यों?
Man Mast Kabira एलबम में 10 गाने हैं। जिसे कि सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है और लोगों ने इस पर काफी Positive कमेंट भी दिए हैं।
Baijunath Mangeshkar Exclusive Interview: संगीत की दुनिया में मंगेशकर परिवार वो स्थान रखता है, जिसका नाम लेते ही इंसान का सिर श्रद्धा से झुक जाता है। इसी परिवार ने हमें हमारी स्वर कोकिला लता मंगेशकर को दिया तो यहीं से सूरों की देवियां आशा भोसले और उषा मंगेशकर जी आती हैं। तो वहीं इसी फैमिली में महान फनकार हृदयनाथ मंगेशकर का जन्म हुआ है तो वहीं अब उन्हीं के बेटे बैजू मंगेशकर भी एलबम की दुनिया में धूम मचा रहे हैं।

'मन मस्त कबीरा' एलबम से सुर्खियों में
हाल ही में रिलीज हुए एलबम 'मन मस्त कबीरा' को लेकर वो इन दिनों जबरदस्त चर्चा में हैं। कबीर की वाणी को लोगों के समक्ष अपने संगीत के जरिए पेश करने वाले गायक-कंपोजर बैजू मंगेशकर ने हाल ही में वनइंडिया से Exclusive बातचीत की, जिसमें उन्होंने कबीर दास और सुरों की देवी लता मंगेशकर के बारे में बहुत सारी अनकही बातें बताईं।
कबीर दास की बातें काफी प्रभावित करती हैं
अपने एलबम के बारे में बात करते हुए बैजू मंगेशकर ने कहा कि 'मुझे कबीर दास की बातें काफी प्रभावित करती हैं। उन्होंने बहुत ही सरल भाषा में कितनी गहरी बातें लोगों को बताई हैं। मुझे लगा कि मुझे उनकी बातों को संगीत के जरिए पेश करना चाहिए इसलिए मैंने ये छोटी सी कोशिश की है। मैं खुश हूं कि मैंने कबीर दास जी को नहीं बल्कि कबीर दास जी ने अपने लिए मुझे चुना है। उनकी बातें और ज्ञान के बारे में आज की जनरेशन को जरूर जानना चाहिए।'
एलबम के लिए कोई प्लानिंग नहीं की थी
उन्होंने कहा वैसे तो 'मेरा कोई प्लान नहीं था कि मैं उन पर एलबम निकालूंगा लेकिन एक दिन मैंने मेरी दोस्त से इस बारे में चर्चा की तो उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे ये करना चाहिए और फिर देखते ही देखते ही दस गाने हो गए और आज ये एलबम की शक्ल में सामने आ गया है।'
'मैं नहीं दे पाया लता जी को गिफ्ट'
उन्होंने कहा कि 'दरअसल लता मंगेशकर जी चाहती थीं कि मैं कवि-संतों की रचना पर अपना हिंदी एलबम निकालूं क्योंकि इससे पहले मेरे जो भी एलबम आए वो पंजाबी, अवधी और दूसरी भाषाओं में थे लेकिन हिंदी में नहीं थे इसलिए मैंने इस बारे में सोचा। हालांकि वो इसके बाद अपनी बातों को कहते हुए थोड़ा सा मायूस भी हो गए।
'अधूरी रह गई मेरी प्लनिंग, बहुत दुख है'
उन्होंने कहा कि 'मैं ये एलबम लता जी को सरप्राइज के तौर पर देना चाहता था। इसलिए मैंने उन्हें इस बारे में कुछ नहीं बताया था। लेकिन इसे मेरा दुर्भाग्य कह लीजिए कि मात्र तीन गाने होने पर ही मुझे ये प्रोजेक्ट रोकना पड़ा क्योंकि लता जी बीमार पड़ गईं और फिर उन्होंने दुनिया से विदाई ले ली।'
'हमेशा मुझे ये बात सताती रहेगी'
'मुझे इस बात की हमेशा दुख रहेगा कि मैं उन्हें जीते-जी ये गिफ्ट नहीं दे पाया। हालांकि मुझे पता है कि उनका आशीर्वाद मेरे साथ हैं। मुझे इतना पता है कि वो आज होतीं तो इस बात को लेकर बहुत खुश भी होतीं। बैजू मंगेशकर ने कहा कि मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उनके साथ एलबम में गाने को मिला था।' आपको बता दें कि 'मन मस्त कबीरा' से पहले उनका एक सूफी एलबम आया था, जिसनें उन्हें भारत रत्न के साथ गाने का मौका मिला था।
पर्दे पर कौन बन सकता है लता मंगेशकर?
इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि 'अगर लता मंगेशकर पर बॉयोपिक बने तो आपके हिसाब से किस अभिनेत्री को पर्दे पर लता जी का रोल निभाना चाहिए। तो इस का जवाब देते हुए बैजू मंगेशकर ने कहा कि 'ये सवाल बहुत मुश्किल है, दरअसल लता जी का रोल उन्हें निभाना चाहिए जिनमें इंडियन लुक हो, जिसके अंदर भारतीय तहजीब और सलीका दिखाई पड़े क्योंकि लता जी बहुत शालीन महिला थीं।'
शायद विद्या बालन वो हो सकती हैं...
'वो शेरनी की तरह बहादुर थीं तो वहीं उनके अंदर नदी जितनी गहराई थी। शायद विद्या बालन वो महिला हो सकती हैं, जो पर्दे पर लता मंगेशकर बन सकती हैं, या मैं अभी इस बारे में कुछ ज्यादा नहीं कह सकता हूं लेकिन मेरे हिसाब से जो भी उनका रोल करे उनमें वो क्वालिटी होनी चाहिए जो कि मैंने ऊपर गिनाई है।'
यहां पढ़ें: वनइंडिया के Exclusive Interview
बैजू मंगेशकर का Exclusive Interview
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