हिंदी भाषा विवाद पर कंगना ने अजय देवगन का किया सपोर्ट, कहा- 'वो गलत नहीं है पर मेरे हिसाब से राष्ट्रीय भाषा..'
हिंदी भाषा विवाद पर कंगना ने अजय देवगन का किया सपोर्ट, कहा- 'वो गलत नहीं है पर मेरे हिसाब से राष्ट्रीय भाषा...'
मुंबई, 30 अप्रैल: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने शुक्रवार (29 अप्रैल) को अपनी आगामी फिल्म धाकड़ का ट्रेलर जारी किया। मुंबई में ट्रेलर लॉन्च इवेंट में, कंगना से उनकी फिल्म और मनोरंजन जगत में चल रही सभी बहसों के बारे में कई सवाल पूछे गए थे। इसी बीच कंगना रनौत से हिंदी राष्ट्रीय भाषा विवाद को लेकर भी सवाल किया गया। जिसका जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि अगर अजय देवगन ने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा कहा है तो वो गलत नहीं है। हालांकि कंगना ने यह भी सवाल किया कि भारत की राष्ट्रीय भाषा संस्कृत क्यों नहीं होना चाहिए। हाल ही में, अभिनेता अजय देवगन ने कन्नड़ अभिनेता किच्चा सुदीप की हिंदी और कन्नड़ फिल्म उद्योगों और भाषाओं पर टिप्पणियों के जवाब में ट्वीट किया। अजय ने हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा कहा था। हालांकि, कई लोगों ने बताया कि भारत की वास्तव में कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं है।

'संविधान में हिंदी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा गया है...'
ट्रेलर लॉन्च इवेंट में, कंगना ने यह भी कहा कि भारत के संविधान ने हिंदी को 'राष्ट्रीय भाषा' का दर्जा दिया है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंग्रेजी पर भारतीय भाषाओं पर गर्व होने के बारे में बोलते हुए कंगना रनौत ने कहा, ''ये एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब, 2 मिनट में नहीं दिया जा सकता है। इस विषय पर चर्चा करने में काफी वक्त लगता है। लेकिन अगर आप मेरे से पूछना चाहते हैं तो हिंदी को हमारे संविधान में हिंदी राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है।''

'अजय देवगन जी ने कहा कि हिंदी राष्ट्रीय भाषा है, तो वह गलत नहीं थे...'
कंगना रनौत ने कहा, ''अभी तक, हिंदी संविधान के अनुसार राष्ट्रभाषा है। इसलिए जब अजय देवगन जी ने कहा कि हिंदी भारत की राष्ट्रीय भाषा है, तो वह गलत नहीं थे। लेकिन जब लोग ये दावा करते हैं उनका तमिल और कन्नड़ भाषा हिंदी से अधिक पुरानी है तो वो भी गलत नहीं हैं। लेकिन मेरे हिसाब से तो संस्कृत हमारी राष्ट्रीय भाषा होनी चाहिए...क्योंकि हिंदी, जर्मनी, अंग्रेजी, फ्रेंच जैसी भाषाएं सभी संस्कृत से निकली हैं।''

'हमारी राष्ट्रीय भाषा संस्कृत क्यों नहीं है...'
कंगना रनौत ने कहा, ''हमारी राष्ट्रीय भाषा संस्कृत क्यों नहीं है? स्कूलों में यह अनिवार्य क्यों नहीं है? मुझे यह नहीं पता! भारत में केंद्र सरकार द्वारा उपयोग की जाने वाली दो आधिकारिक भाषाएं हैं, अंग्रेजी और हिंदी। विभिन्न राज्य आधिकारिक उद्देश्यों के लिए अपनी अलग-अलग भाषाओं का उपयोग करते हैं। लेकिन दिल्ली की सरकार दो ही भाषाओं का इस्तेमाल करती है।''

'औपनिवेशिक इतिहास चाहे कितना भी काला क्यों न हो...'
कंगना रनौत ने कहा, ''आप जब दूसरे देश से यात्रा करते हैं, या विदेश में जर्मन, स्पेनिश या फ्रेंच देशों में जाते हैं, तो उन्हें अपनी भाषा पर बहुत गर्व होता है। औपनिवेशिक इतिहास चाहे कितना भी काला क्यों न हो, सौभाग्य से या दुर्भाग्य से, अंग्रेजी वह कड़ी बन गई है। आज, देश के भीतर भी, जिसके जरिए हम संवाद करते हैं। हम संवाद करने के लिए अंग्रेजी का उपयोग कर रहे हैं। क्या वह लिंक होना चाहिए, या हिंदी या संस्कृत या तमिल लिंक होना चाहिए? हमें वह फैसला लेना होगा। इसलिए इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निर्णायक फैसला लिया जाना चाहिए।''

'हिंदी मातृभाषा नहीं है तो फिल्म हिंदी में क्यों डब करते हो...'
किच्चा सुदीप को अपने ट्वीट में अजय ने हिंदी में लिखा था, "मेरे भाई, अगर आपके अनुसार हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं है तो आप अपनी फिल्मों को हिंदी में डब करके अपनी मातृभाषा में क्यों रिलीज करते हैं? हिंदी हमारी मातृभाषा और राष्ट्रभाषा थी, है और रहेगी। जन गण मन।"
सुदीप ने इसे गलतफहमी बताया, लेकिन अजय से यह भी पूछा कि अगर उन्होंने कन्नड़ में अपना संदेश टाइप किया होता तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होती। इस मामले में अलग-अलग पक्ष लेने के बाद से कई मशहूर हस्तियों और राजनेताओं ने भी विवाद में प्रवेश किया है।












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