Happy Birthday Madhuri Dixit: 'अबोध' लड़की कैसे बनी 'धक-धक गर्ल'? एक नजर टॉप 10 फिल्मों पर
Happy Birthday Madhuri Dixit Hindi: 'वो है निशा वो ही मेरी जिंदगी की भोर है....'वाकई उसकी अदाएं हैं ही ऐसी', जो किसी को भी अपना बना ले। जी हां, यहां बात हो रही है, बॉलीवुड की बेहद ही खूबसूरत और दिलकश अदाकारा माधुरी दीक्षित की, जिन्होंने आज अपने जीवन के 58 बरस पूरे कर लिए हैं।
उम्र तो बस उनके लिए एक नंबर है, आज भी माधुरी की अदाएं, अच्छे-अच्छों को नींद उड़ा लेने में सक्षम हैं, बॉलीवुड की इस सुंदर काया ने अपने दम पर फिल्मी दुनिया में अलग पहचान बनाई और उस नंबर वन के सिंहासन को हासिल किया, जिस पर उनके आने से पहले साउथ की अभिनेत्रियों का कब्जा था।

फिल्म 'अबोध' से अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाली इस चंचल, शोख हसीना ने फिल्म 'तेजाब' के हिट गीत 'एक दो तीन... 'से ऐसा जादू बिखेरा, जो आज तक लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है, वक्त बदला, लोग बदले लेकिन माधुरी का क्रेज आज भी पहले जैसा ही जवां है।
Madhuri Dixit को लोग 'कंपलीट पैकेज' कहते हैं
हिंदी सिनेमा में लोग माधुरी दीक्षित को 'शो मैन' सुभाष घई की डिस्कवरी कहते हैं, क्रिटिक्स ने इस अदाकारा को 'कंपलीट पैकेज' कहा , जिसमें नजाकत, डांसिंग और अभिनय का बेजोड़ संगम देखने को मिलता था। बॉलीवुड आइकॉन 'मधुबाला' के बाद अगर किसी की स्माइल फिल्मी दुनिया में मशहूर हुई तो वो केवल माधुरी ही हैं और इसी वजह से वो हिंदी सिनेमा की 'धक-धक गर्ल' कहलाती हैं।
Madhuri Dixit ने माइक्रोबायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया
नॉन फिल्मी बैकग्राउंड की लड़की एक दिन फिल्मी दुनिया की चहेती अभिनेत्री बन जाएगी, ये तो किसी ने सोचा ही नहीं था। 15 मई 1967 को मुंबई, महाराष्ट्र में जन्मी माधुरी दीक्षित ने माइक्रोबायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया, लेकिन उनका रुझान शुरू से ही नृत्य और अभिनय की ओर था।
1984 में फिल्म 'अबोध' से बॉलीवुड में डेब्यू किया
इसी वजह से उन्होंने 1984 में फिल्म 'अबोध' से बॉलीवुड में डेब्यू किया, लेकिन उन्हें असली पहचान 1988 की फिल्म 'तेजाब' से मिली और इसके बाद उन्होंने पीछे पलटकर नहीं देखा, उन्हें देखकर आज भी लोगों का 'दिल पागल' ही हो जाता है।
आइए एक नजर डालते हैं बॉलीवुड दीवा माधुरी दीक्षित की टॉप 10 फिल्मों पर
- तेजाब (1988)
- राम लखन (1989)
- दिल (1990)
- साजन (1991)
- बेटा (1992)
- हम आपके हैं कौन..! (1994)
- दिल तो पागल है (1997)
- देवदास (2002)
हालांकि माधुरी ने केवल कमर्शियल सिनेमा में काम नहीं किया, उन्होंने 'मृत्युदंड' और 'गजगामिनी' जैसी क्लासिक और आर्ट फिल्मों में भी काम किया है और खुद को एक गंभीर अभिनेत्री के रूप में भी नंबर वन साबित किया।
पुरस्कार
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए - दिल (1990), बेटा (1992), हम आपके हैं कौन..! (1994), दिल तो पागल है (1997)।
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए - देवदास (2002)।
- कुल मिलाकर उन्होंने 6 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते हैं।
- पद्म श्री (2008) - भारत सरकार द्वारा चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार - विशेष जूरी पुरस्कार (देवदास के लिए)।
हिंदी सिनेमा की इस महान अभिनेत्री को आप भी जन्मदिन की शुभकामना दे सकते हैं। अपनी विश आप कमेंट बॉक्स में लिखें।












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