मुस्लिम थीं गोविंदा की मां, छोड़ दिया था घर और बन गईं साध्वी, जानें क्या हुआ था उनके साथ
Govinda Mother Nirmala Devi: बॉलीवुड एक्टर गोविंदा भले ही अब फिल्मों में नजर नहीं आते हैं लेकिन एक समय पर वह इंडस्ट्री पर राज करते थे। उन्होंने कई बड़े मेकर्स की सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। सिर्फ इतना ही नहीं एक साल में उनकी कई फिल्में रिलीज हो जाती थी।
गोविंदा को पर्सनल बातें करना पसंद है
गोविंदा इंडस्ट्री के पॉपुलर एक्टर्स में से एक हैं। वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे हैं। हालांकि गोविंदा हमेशा से ही अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खुलकर बात करना पसंद करते हैं। गोविंदा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह सबसे ज्यादा अपनी मां से प्यार करते हैं।

गोविंदा काफी धार्मिक इंसान हैं
आपको बता दें कि गोविंदा काफी धार्मिक इंसान हैं। वह अक्सर पूजा-पाठ करते हुए नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी पूजा पाठ करने वाली तस्वीरें और वीडियोज वायरल होते रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गोविंदा की मां मुस्लिम थीं। वह शादी के बाद हिंदू बनीं और बाद में अपने आखिरी समय तक साध्वी बनकर रहीं।
कौन थीं गोविंदा की मां निर्मला देवी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोविंदा की मां निर्मला देवी का जन्म वाराणसी में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनका शादी से पहले का नाम नाजिम था लेकिन साल 1941 में उन्होंने फिल्म प्रोड्यूसर अरुण कुमार ओझा से शादी की थी जिसके बाद उनका नाम बदलकर निर्मला देवी रखा गया था।
गोविंदा की मां साध्वी बन गई थीं
शादी के बाद निर्मला देवी के चार बच्चे कामिनी, कृति कुमार, पुष्पा आनंद और गोविंदा हुए थे। गोविंदा के जन्म के बाद ही निर्मला देवी ने गृहस्थ संसार से संन्यास लिया और साध्वी बन गई थीं। 3 जुलाई 1998 में 81 वर्ष की आयु में निर्मला देवी का निधन मुंबई में हो गया था।
गोविंदा और उनकी मां का खास था रिश्ता
गोविंदा अपने पुराने इंटरव्यूज में अक्सर अपनी मां के बारे में बात करते नजर आते हैं। गोविंदा की पत्नी सुनीता ओझा ने भी कई बार बताया है कि गोविंदा बहुत अच्छे बेटे हैं और वो अपनी मां से बहुत प्यार करते थे। आज जबकि उनकी मां नहीं हैं तब भी वो अपनी मां की तस्वीर के दर्शन करके ही बाहर निकलते हैं।
गोविंदा अपनी मां के अंगूठे को धोकर पीते थे
सुनीता ओझा ने बताया- जब उनकी मां जिंदा थीं तब कुछ साल तक गोविंदा अपनी मां के अंगूठे को धोकर पीते थे। गोविंदा अपनी मां को देवी की तरह पूजते हैं और आज भी उन्हें याद करके इमोशनल हो जाते हैं। वह आज भी मां की तस्वीर के सामने घंटों बैठे रहते हैं।












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