धर्मेंद्र की सोच को बेटी ईशा ने क्यों बताया 'ऑर्थोडोक्स'? एक्ट्रेस ने परवरिश को लेकर कही ऐसी बात
ईशा देओल ने बॉलीवुड में भले काम किया है मगर उनका करियर कुछ खास सक्सेसफुल रहा नहीं। अपने करियर के शुरुआती दिनों में एक्ट्रेस को भले ही हेमा मालिनी की बेटी होने के टैग के चलते खूब हवाएं मिलीं मगर बाद मे उनका करियर ठप्प हो गया। मगर ईशा ने फिर भी कहीं ना कहीं बॉलीवुड में काफी काम किया है।
हेमा मालिनी की बेटी होने के बावजूद भी ईशा के लिए बॉलीवुड में अपना रास्ता बनाना इतना आसान नहीं था। एक्ट्रेस ने खुद एक दफा इस बारे में बात करते हुए ये बताया कि कैसे उनके पिता धर्मेंद्र नहीं चाहते थे कि वे फिल्मों में अपना करियर बनाएं।

ईशा ने बताया कि पिता थोड़े पारंपरिक विचारों के थे और चाहते थे कि ईशा फिल्मों में करियर बनाने के बजाय जल्दी शादी कर लें। हॉट्टरफ्लाई को दिए गए एक इंटरव्यू में ईशा ने खुलासा किया कि पापा नहीं चाहते थे कि मैं फिल्मों में काम करूं। वो एक पंजाबी पिता थे और चाहते थे कि मेरी शादी 18 साल की उम्र में हो जाए। ये उनकी शर्त थी, वो ऐसे माहौल में रहते थे जहां महिलाओं की शादी जल्दी हो जाती थी। लेकिन मेरी परवरिश अलग थी।
पापा को कैसे मनाया?
ईशा अपनी मां के सफल करियर की अकसर तारीफ करती रहती हैं और वैसी ही सफलता हासिल करने की ख्वाहिश रखती हैं। हालांकि, अपने पिता को मनाने में समय और मेहनत लगी। उन्होंने बताया कि मुझे पता था कि मैं कुछ बनना चाहती हूं, लेकिन पापा को मनाने में थोड़ा समय लगा। ये आसान नहीं था, लेकिन अब ये एक अलग कहानी है।
सख्त परिवार में पली-बढ़ी होने का असर ईशा के अनुभवों पर भी पड़ा। उनकी दादी ने उनके पहनावे और कई सारी चीजों पर कई प्रतिबंध लगाए थे। ईशा ने बताया कि मेरी दादी बहुत सख्त थीं। हमें स्पेगेटी टॉप और छोटी स्कर्ट पहनने की इजाजत नहीं थी। हमें देर रात बाहर जाने की परमिशन नहीं थी। कई बार मैं झूठ बोलकर देर रात बाहर निकल जाया करती थी।
जब ईशा ने बदले रास्ते
इस साल ईशा की निजी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया, जब उन्होंने 11 साल की शादी के बाद भरत तख्तानी से अलग होने की घोषणा की। उनके अलग होने की खबर कुछ समय से चल रही थी, लेकिन बाद में उन्होंने एक बयान जारी कर आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की, जिससे कई लोग हैरान रह गए।












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