Bhaukaal 2: पुरानी रंगत में दिखे मोहित रैना, कहा -'नवनीत सिकेरा बनना आसान नहीं'
नई दिल्ली, 20 जनवरी। इंतजार हुआ खत्म, एमएक्स प्लेयर पर भौकाल सीजन 2 आज रिलीज हो गया है और उम्मीद के मुताबिक इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली है। मालूम हो कि 'भौकाल 2' आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा के जीवन से जुड़ी सच्ची घटनाओं पर आधारित वेब सीरीज है। मालूम हो कि नवनीत सिकेरा को लोग Real सिंघम के तौर पर पहचानते हैं। इस बार पर्दे पर नवनीत सिकेरा के रोल में टीवी के महादेव यानी कि मोहित रैना हैं, जिनके दमदार संवाद और एक्शन ने लोगों को सच में मोहित कर दिया है।

'एक किसान का बेटा कैसे एक बहादुर आईपीएस अधिकारी बना'
मोहित ने पहले सीजन में भी कमाल किया था और इस सीजन में भी वो प्रभावशाली दिख रहे हैं। इस बारे में हाल ही में एक इंटरव्यू में मोहित रैना ने कहा कि 'मैं नवनीत सिकेरा की जिंदगी को पर्दे पर उतारने से पहले उनके साथ वक्त बिताना चाहता था क्योंकि मैं ये समझना चाहता था कि एक किसान का बेटा कैसे एक बहादुर आईपीएस अधिकारी बना और किसी से ना डरने वाला जोश उसके अंदर कहां से आया?'

'उनके जैसे बनने के लिए मुझे काफी पापड़ बेलने पड़े'
'मैं चाहता था कि मैं पर्दे पर सिकेरा के रोल के साथ न्याय कर सकूं इसलिए मैं उनके साथ रहा और उन्हें जानने की कोशिश की, वो वाकई में लाजवाब हैं और उनके जैसे बनने के लिए मुझे काफी पापड़ बेलने पड़े। उनके जैसा बनना आसान नहीं है।' आपको बता दें कि बावेजा स्टूडियोज प्रोडक्शन के सहयोग से अप्लॉज एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित, एमएक्स ओरिजिनल सीरीज भौकाल 2 में आपको मोहित रैना के अलावा बिदिता बाग, सिद्धांत कपूर, प्रदीप नागर, गुल्की जोशी, अजय चौधरी, रश्मि राजपूत भी अहम रोल में हैं।

कौन हैं नवनीत सिकेरा?
नवनीत सिकेरा का जन्म 22 अक्टूबर 1971 को उत्तरप्रदेश के ईटा में एक किसान परिवार में हुआ था। आईजी से एडीजी बनाए गए अफसर नवनीत सिकेरा ने इस नई जिम्मेदारी के बाद फेसबुक पर अपने परिवार के साथ हुए एक अनुभव पर पोस्ट लिखी थी। 1996 बैच के आईपीएस अफसर सिकेरा लंबे वक्त तक यूपी के कई जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में काम कर चुके हैं। तमाम कुख्यात अपराधियों को पानी पिलाने वाले मशहूर सिकेरा को 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' कहा -जाता है।
नवनीत ने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली
नवनीत ने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी। वह 32 वर्ष की उम्र में लखनऊ के सबसे युवा SSP बनें। उन्हें 2005 और 2013 में पुलिस विभाग को दिए अपने अद्भुत योगदान के लिए राष्ट्रपति पदक से भी नवाजा गया है।












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