बप्पी लहरी के निधन के बाद क्या होगा उनके गोल्ड कलेक्शन का? बेटे बप्पा ने किया खुलासा
मुंबई, 22 मार्च: भारत के डिस्को किंग के नाम से पॉपुलर बप्पी दा का 15 फरवरी को 69 साल की उम्र में निधन हो गया था। बप्पी लहरी का संगीत के बाद दूसरा प्रेम गोल्ड के प्रति था। बप्पी दा हमेशा भारी-भरकम सोने के आभूषण पहना करते थे। उनके पास गोल्ड के आभूषणों का काफी बड़ा कलेक्शन था। दुनिया उनके इस शौक के चलते उन्हें गोल्ड मैन ऑफ इंडिया कहने लगी थी। बहुत से लोग नहीं जानते, लेकिन बप्पी दा के लिए सोना सिर्फ एक्सेसरीज से कहीं ज्यादा था।

बेटे बप्पा लहरी ने खोला राज
अब बप्पी लहरी के बेटे बप्पा लहरी ने उनके गोल्ड प्रेम को लेकर बताया कि, पिता जी का गोल्ड के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव था। बप्पा लहरी ने ये भी बताया कि, पिता के निधन के बाद उनके सोने के संग्रह का क्या किया गया है। बप्पा ने बताया कि, गोल्ड सिर्फ डैड के लिए फैशन स्टेटमेंट नहीं थे, यह उनके लिए लकी था। वेटिकन सिटी से लेकर हॉलीवुड तक, उन्होंने दुनिया भर से सोने के हर टुकड़े को इकट्ठा किया। बप्पा ने बताया कि, वह कुछ ऐसा ढूंढते थे जिसे वह पहनना चाहते थे और उसे सोने में बदल देते थे।

बप्पी दा के कलेक्शन का बनेगा संग्राहलय
बप्पा ने इंडिया टुडे को बताया कि, उन्होंने इसके बिना कभी यात्रा नहीं की। अगर सुबह 5 बजे की फ्लाइट होती तो भी वह सारा सोना पहन लेते थे। यह उनके लिए मंदिर और उनकी शक्ति की तरह था। वे इससे आध्यात्मिक रूप से जुड़े हुए थे। इसलिए हम उनके सोने के गहनों को संरक्षित करने जा रहे हैं। यह उनकी सबसे पसंदीदा चीज थी। हम चाहते हैं कि लोग उनकी चीजें देखें, इसलिए हम उन्हें एक संग्रहालय में रखेंगे। उनके पास जूते, धूप का चश्मा, टोपी, घड़ियां और गहनों का एक संग्रह था जो उन्हें पसंद था और हम इसे प्रदर्शित करना पसंद करेंगे।

क्यों गोल्ड पहनना शुरू किया था बप्पी दा ने
वहीं टीओआई को दिए इंटरव्यू में बप्पा ने बताया था कि, 'मेरे पिता एल्विस प्रेस्ली (मशहूर अमेरिकन सिंगर) को काफी पसंद करते हैं। वह जब छोटे थे तभी से एल्विस प्रेस्ली के गाने सुनते थे। उन्होंने देखा कि एल्विस प्रेस्ली गोल्ड की चेन पहनते थे। इसके बाद पिता ने भी गोल्ड की चेन पहनना शुरू कर दिया।' लेकिन बप्पी लहरी अपनी खुद की पहचान बनाना चाहते थे। इस तरह उन्होंने आकर्षक कपड़े और सन ग्लासेस भी लगाने शुरू कर दिए थे।

'सन ग्लासेस की वजह से स्कूल में मेरी रैगिंग हुई थी'
बप्पा ने आगे बताया कि, पापा के सन ग्लासेस की वजह से स्कूल में मेरी रैगिंग हुई थी। मुझसे दूसरे स्टूडेंड्स ने सवाल किया था कि वह सन ग्लासेस हमेशा क्यों पहनते हैं। यह आसान नहीं था। लेकिन सोचने वाली बात तो यह है कि आज ऐसी चीजों का एक चलन बन गई हैं।' , 'मुझे याद है कि मैंने पिता को बताया था कि मुझे कैसे छेड़ा गया था, लेकिन वह नहीं बदले। उनको जो पसंद था, वो करते थे। यह उनका स्टाइल था। ध्यान रहे उनके सन ग्लासेस का नंबर था।'












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