Asha Bhosle Caste: क्या थी आशा भोसले की जाति? कौन-सा धर्म मानती थीं सुरों की मल्लिका?
Asha Bhosle Caste: लिजेंड्री सिंगर आशा भोसले को 92 साल की उम्र में निधन हो गया है, जिसकी वजह से पूरे बॉलीवुड और संगीत की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है। आशा भोसले भारतीय संगीत इतिहास की सबसे बहुमुखी और प्रभावशाली गायिकाओं में गिनी जाती थीं।
सात दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने हजारों गानों को अपनी आवाज दी और कई भाषाओं में अपनी कला का जादू बिखेरा । उन्होंने आर.डी. बर्मन जैसे महान संगीतकारों के साथ मिलकर कई सदाबहार गीत दिए हैं, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

क्या है आशा भोसले की जाति?
-आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में एक पारंपरिक मराठी ब्राह्मण (गोमंतक मराठा) परिवार में हुआ था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार थे। उन्होंने अपना करियर गायन में बनाया और 12000 से अधिक गाने गाए हैं।
-भोसले, मराठा समुदाय का एक प्रमुख क्षत्रिय वंश और योद्धा कबीला है, जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र में केंद्रित है। ये वंश छत्रपति शिवाजी महाराज के कारण ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिन्होंने मराठा साम्राज्य की स्थापना की थी। ये जाति अपनी बहादुरी, कृषि और शासन क्षमता के लिए जानी जाती है।
-भोंसले खुद को मेवाड़ के सिसोदिया राजपूतों का वंशज मानते हैं, हालांकि उन्हें पारंपरिक रूप से कुनबी मराठा भी माना जाता है। इस वंश के सबसे प्रतापी शासक छत्रपति शिवाजी महाराज, उनके पिता शहाजी भोसले और नागपुर के भोसले शासक (रघुजी भोसले) प्रमुख हैं। भोसले परिवार की शुरुआत महाराष्ट्र के पुणे और सतारा क्षेत्र से हुई थी।
कौन-सा धर्म मानती हैं आशा भोसले?
आशा भोंसले हिंदू धर्म मानती हैं। वह एक प्रतिष्ठित हिंदू मराठी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह मशहूर शास्त्रीय गायक और रंगमंच अभिनेता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी हैं और उन्होंने अपने करियर में कई भक्ति भजन, अभंग (मराठी भक्ति गीत) और शास्त्रीय गीत गाए हैं, जो उनकी आस्था को दर्शाते हैं।
करियर की शुरुआत से लेकर शिखर तक का सफर
आशा भोसले ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म माझा बल से की थी जबकि हिंदी सिनेमा में उन्होंने फिल्म चुनरिया के गाने सावन आया से पहचान बनाई। उन्होंने सिर्फ गायन ही नहीं बल्कि अभिनय में भी हाथ आजमाया और साल 2013 में मराठी फिल्म माई में नजर आई थीं।
संगीत से आगे भी बनाई पहचान
गायकी के अलावा आशा भोसले अपनी कुकिंग स्किल्स के लिए भी जानी जाती हैं। उनके नाम पर दुबई और कुवैत में रेस्तरां भी चलाए जाते हैं। उन्होंने हिंदी के अलावा करीब 20 भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।
सम्मानों से सजी शानदार उपलब्धियां
आशा भोसले के योगदान को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के अलावा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिल चुका है। साल 2000 में उन्हें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था, जो उनकी महान उपलब्धियों का प्रमाण है।
देशभर में मांगी जा रही दुआ
फिलहाल पूरा देश आशा भोसले के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। उनके चाहने वाले और संगीत प्रेमी लगातार उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। हर किसी को उम्मीद है कि वह इस मुश्किल दौर से जल्द उबरकर एक बार फिर अपने फैंस के बीच मुस्कुराती नजर आएंगी।












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