नहीं थम रहा अमिताभ बच्चन की ट्रोलिंग का सिलसिला, बिग बी ने शेयर की कविता, लोग बोले- 'कभी बाबूजी के बिना'
मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने पहलगाम घटना के करीब 20 दिन बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी थी। जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा हुई थी। तब उन्होंने अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता पोस्ट की थी। इसके बाद से वो लगातार भारतीय सेना का हौसला बुलंद करते रहे हैं। बीते दिन पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया था। इसके बाद भी अमिताभ ने पोस्ट शेयर किया। जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल भी किया जा रहा है।
अमिताभ ने अपने पोस्ट पर लिखा, और पूज्य बाबूजी के शब्द गूंजते हैं.. जोर से और साफ और प्रतिध्वनि में.. देश के हर कण से.. हर कोने से..। ओह! देश के आक्रोशित और समर्पित जवानों.. अपने दांत भींचो.. खड़े हो जाओ और आगे बढ़ो.. ऊपर और आगे.. बिना कोई आवाज दिए.. अगर तुम्हें बोलना है.. तो दुश्मन के चेहरे पर तुम्हारे थप्पड़ों की आवाज सुनाई दे।

अमिताभ ने आगे लिखा, शांति में मनुष्य के लिए कुछ भी उतना अच्छा नहीं है जितना कि संयमित शांति और विनम्रता: लेकिन जब युद्ध की ध्वनि हमारे कानों में गूंजती है, तब टाइगर के एक्शन का अनुसरण करें। नसों को सख्त करो, खून को इकट्ठा करो, सुंदर स्वभाव को कठोर क्रोध से छिपाओ। फिर आंखों को एक भयानक रूप दो। इसे सिर के द्वार से छेदने दो, ब्रह्मोस और आकाश तीर की तरह, माथे को इसे दबा दो। एक भयानक तरीके से जैसे एक घायल चट्टान। इसके अलावा भी अमिताभ ने एक और पोस्ट शेयर की है। इसमें भी उन्होंने एक कविता की शेयर की है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, जय हिंद और जय हिंद की सेना।
लेकिन इसके बावजूद लोगों ने ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा, सर, आपका ये पोस्ट सेना में विद्रोह फैलाने वाला लगता है। सीज़फायर का फैसला सरकार का है, सेना को उसका सम्मान करना चाहिए। सरकार पर दो चोट करने को सेना को उकसाना गलत है। आशा है, आपकी ऐसी मंशा नहीं होगी। देश में, सेना में बहुत से लोग जीतती बाज़ी हारने से निराश हैं। पर बगावत हल नहीं। दूसरे यूजर ने लिखा, कभी बिना बाबूजी के भी बात कर लिया करें में देखती हूं बिना बाबूजी के आप कभी कुछ नही बोलते है दो चार दिन ने ही आपको को बाबू जी याद दिला दिए।












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