जेल में एक हवलदार ने संजय दत्त को दी थी ये खास सलाह, जिंदगी में बहुत काम आई उसकी बात
जेल में रहते हुए संजय दत्त को एक हवलदार ने उम्मीद से जुड़ी एक अहम बात बताई थी जिसे उन्होंने हमेशा अपनी जिंदगी में अपनाया।
मुंबई, 11 जुलाईः संजय दत्त बॉलीवुड के ऐसे एक्टरों में से एक हैं जिन्होंने अपनी फिल्मों से खूब पहचान बनाई लेकिन हमेशा विवादों से भी घिरे रहे। बॉलीवुड एक्टर और राजनीतिज्ञ सुनील दत्त और नरगिस के बेटे संजय दत्त बॉलीवुड की कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम कर चुके हैं। हालांकि 1993 मुंबई धमाकों से जुड़े केस में उन्होंने अपनी ज़िंदगी के कुछ साल जेल में भी गुजारे थे। आपको बता दें कि अब संजय दत्त रील और रियल दोनों ही लाइफ में एक नई शुरुआत कर चुके हैं। अब वह एक के बाद एक कई फिल्मों में नजर आ रहे हैं। हाल ही में वह ब्लॉकबस्टर साबित हुई 'केजीएफ-2' में नजर आए थे। वहीं जल्द ही संजय दत्त बॉलीवुड फिल्म 'शमशेरा' में भी नजर आने वाले हैं। फिल्म 'शमशेरा' का ट्रेलर लोगों को खूब पसंद आया है। लोग फिल्म के लीड हीरो रणवीर कपूर के साथ साथ फिल्म में गुस्सैल दरोगा के रोल में नजर आ रहे संजय दत्त की भी जमकर तारीफ कर रहे हैं। आइए आपको बताते हैं संजय दत्त के जेल में रहने के दौरान उनके साथ हुए एक अजीब किस्से के बारे में।

मुसीबत की घड़ी में बनाए रखा हौसला
साल 1993 में 12 मार्च को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इस केस में संजय दत्त का भी नाम सामने आया था। बाद में संजय दत्त को अबू सलेम और रियाज सिद्दीकी से अवैध बंदूकों की डिलीवरी लेने, उन्हें रखने और फिर नष्ट करने का दोषी माना गया था। साल 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने टाडा अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए संजय को पांच साल की सजा सुनाई थी और संजय ने ये 5 साल जेल में बिताये थे। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जब उनसे ये पूछा गया कि क्या ऐसे मुश्किल समय में कभी उनका हौसला टूटा तो संजय दत्त कहा था- ऐसा कभी नहीं हुआ कि उनका हौसला टूट गया हो।

हवलदार से ली है सीख
संजय दत्त ने बताया था- जेल में एक हवलदार से मिली सलाह मेरे बहुत काम आई। जब मैं जेल में था तब एक हवलदार ने मुझसे बोला कि संजू बाबा अगर आपने उम्मीद करना छोड़ दिया तो जेल का समय चुटकियों में निकल जाएगा। मैंने बोला कि मैं उम्मीद कैसे छोड़ सकता हूं तो उन्होंने बोला कि कोशिश करो सब सही होगा। मैंने उनकी बातों को गंभीरता से लिया और कोशिश की। मुझे दो-तीन हफ्ते लगे कि मैं उम्मीद छोड़ दूं, मैं सही बता रहा हूं जब मैंने उम्मीद करना छोड़ दिया तो समय एकदम तेजी से निकल गया।

जेल में मिले पैसे आज भी संभाल कर रखे हैं
संजय दत्त ने बताया कि उन्होंने जेल में थैली बनाए और रेडियो जॉकी का काम किया। इस काम के लिए उन्हें 5 से 6 हजार रुपये मिले थे। संजय दत्त ने कहा- जेल में कमाए गए 5 से 6 हजार रुपए मैंने संभाल कर रखे हैं, अपनी पत्नी को दिया है। थैली बनाना, गार्डन में काम करना या रेडियो जॉकी का काम करना ये सब मैंने जेल में ही सीखा और वो वक्त मेरे लिए कुछ सीखने का ही थी। अपने किरयर के बारे में संजय दत्त ने कहा-मैं अपने करियर से संतुष्ट हूं और मैंने काफी अच्छी और खराब दोनों ही तरह की फिल्मों में काम किया है। अब भी मेरे पास काफी काम है।

परिवार के लिए कमजोर है संजय दत्त
संजय दत्त ने बताया कि उनको परिवार से खूब सारा प्यार मिला लेकिन एक बात है जो उन्हें खटकती है कि उनकी मां उन्हें बहुत पहले ही छोड़कर चली गईं। संजय दत्त ने कहा- मेरी मां से मुझे बहुत प्यार था, पापा से भी। हम लोग काफी यंग थे जब मां छोड़कर चली गई। इसका बहुत बुरा भी लगता है कि हम लोग उनके सामने बड़े नहीं हुए, न ही उन्होंने अपने पोता-पोती को देखा। मेरे पिता ने भी मेरे बच्चों को नहीं देखा। ये बुरा भी लगता है और याद हमेशा आती है। जो संस्कार उन्होंने हमें सिखाया है, वो हमेशा हमारे साथ रहेगा।

मान्यता है परिवार का मजबूत स्तंभ
संजय दत्त कहते हैं कि उनके लिए पिता चट्टान की तरह थे, जब वो नहीं रहे तो ऐसा लगा कि सहारा ही छूट गया और कुछ साल मुश्किल भरे रहे। वहीं संजय दत्त ने अपनी पत्नी मान्यता को परिवार का मजबूत स्तम्भ बताया और कहते हैं कि मुश्किल वक्त में भी मान्यता ने पूरे घर को संभाले रखा है। वह हर मुसीबत में संजय दत्त के साथ खड़ी रही हैं।












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