बीएसपी में प्रतिनिधि यूनियन मान्यता के लिए 30 जुलाई को मतदान, विभागों तक पहुंच रहे यूनियन के नेता
दुर्ग, 6 जुलाई। एशिया के सबसे बड़े इस्पात संयंत्र भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मचारियों के हितों के लिए लड़ने वाली यूनियन के मान्यता चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया है। भिलाई इस्पात संयंत्र के एचआरडी हॉल में सभी 10 यूनियन प्रतिनिधियों की बैठक में इसकी घोषणा की गई। आगामी 30 जुलाई को मतदान होगा। इस घोषणा के साथ ही उप केंद्रीय श्रमायुक्त आरके पुरोहित ने बीएसपी में आचार संहिता लागू कर दिया है। 30 जुलाई को मतदान के बाद उसी दिन देर रात तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव में 10 यूनियन शामिल होंगे।

जून माह में रिटायर्ड कर्मचारी व ट्रेनीज भी कर सकेंगे मतदान
यूनियन प्रतिनिधियों की बैठक में निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि एक जून को जो कर्मचारी पे रोल पर हैं। वे ही चुनाव में मतदान कर सकेंगे। इस पर कुछ यूनियन ने आपत्ति जताई। इस पर निर्वाचन अधिकारी ने प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा चुनाव की प्रक्रिया जून महीने में शुरू हुई, इसलिए उस महीने की पहली तारीख को जो कर्मचारी पे रोल पर रहते हैं, वे चुनाव में भाग लेने की पात्रता रखते हैं। चुनाव में नियमित कर्मियों के साथ-साथ ट्रेनीज भी मतदान कर सकेंगे। मतदाता सूची 30 जून को उपलब्ध करा दी जाएगी। आपत्ति के लिए 6 जुलाई तक का समय दिया गया। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 15 जुलाई को होगा। इसके साथ ही प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बीएसपी के 13 हजार 418 मतदाता करेंगे मतदान
भिलाई इस्पात संयंत्र के यूनियन चुनाव में 18 बूथ बनाए गए हैं। जिनमे 13418 कर्मचारी मतदान कर सकेंगे , प्रत्येक बूथ में 750 वोटर तय किए गए। निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी तिथि के अनुसार 16 से 18 जुलाई तक नामांकन फार्म रायपुर में भरे जाएंगे, 19 जुलाई को नाम वापसी का अंतिम दिन तय किया गया है। 22 जुलाई को चुनाव चिन्ह का आवंटन, 23 से 29 जुलाई तक प्रचार कर सकेंगे। इसके बाद मतदान होगा। 30 जुलाई को सुबह 6 से शाम 4 बजे तक मतदान, मतगणना के साथ ही रात तक विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी।
तीन साल बाद हो रहे चुनाव को लेकर कर्मचारियों में नही है उत्साह
इससे पहले 19 अगस्त साल 2019 में मान्यता चुनाव हुए थे जिसके बाद कोरोना के चलते चुनाव रद्द कर दिए गए। वहीं इस चुनाव में इंटक यूनियन को 4447 वोट मिले थे, जिसमें 16280 मतदाता शामिल थे, इंटक ने सीटू से लगभग 780 वोट से जीत हासिल की थी। इंटक को कोरोना काल के साथ 3 साल काम करने का समय मिला, लेकिन इस बार यूनियन चुनाव को लेकर कर्मचारियों में खास उत्साह नजर नही आ रहा है। क्योंकि कर्मचारियों के अनुसार अधूरा वेज रिवीजन लागू होने के साथ पे स्केल, कर्मचारियों के आवास, स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में सुधार नही हो सका है।












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