'फोन आया- हैलो, आपकी 25 लाख की लॉटरी लगी है' और खाली हो गया अकाउंट, मास्टर माइंड निकला फार्मेसी स्टूडेंट
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा पुलिस ने ऐसे ही एक सायबर ठग गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये ठग 25 लाख रुपए की लॉटरी लगने का झांसा देकर प्रोसेसिंग के नाम पर सायबर ठगी करते थे।
बेमेतरा, 08 अगस्त। अक्सर आपको मोबाइल कम्पनी के नाम पर 25 लाख की लॉटरी लगने के फोन आते होंगे। प्रोसेसिंग ने नाम पर पैसे भी मांगा गया होगा। लेकिन आपने अपनी समझदारी दिखाकर इसे इग्नोर कर दिया होगा। लेकिन ये गिरोह रोज 100 लोगों को कॉल कर अपने झांसे में लेते हैं। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा पुलिस ने ऐसे ही एक सायबर ठग गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये ठग 25 लाख रुपए की लॉटरी लगने का झांसा देकर प्रोसेसिंग के नाम पर सायबर ठगी करते थे।

फार्मेसी स्टूडेंट निकला मास्टर माइंड
ठग गिरोह का मास्टर माइंड जय गुप्ता मूलत: बिहार का निवासी है। बिहार में ही रहकर उसने ठग गिरोह के संपर्क में आकर सायबर ठगी की ट्रेनिंग ली। फिर साल 2021 में वह फार्मेसी की पढ़ाई करने भोपाल चला गया। मोहिनी विहार भोपाल में किराए का रूम लेकर वह पढ़ाई कर रहा था। आरोपी बस से कॉलेज आना-जाना करता था। एक दिन उसी बस में उसकी पहचान आरोपी ओमप्रकाश से हुई। यह दोस्ती ऑनलाइन ठगी के पार्टनरशिप में बदल गई। जय ऑनलाइन ठगी के पैसे ट्रांसफर करने ओमप्रकाश के बैंक खाते का इस्तेमाल करने लगा।

कमीशन पर होता था ठगी के पैसों का ट्रांसफर
बेमेतरा एसपी धमेन्द्र सिंह ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड जय गुप्ता उर्फ आकाश कुमार, गोपालगंज (बिहार) और ओमप्रकाश पिता बद्रीप्रसाद यादव ग्राम करौंदिया पोस्ट उमरिया (मप्र) का रहने वाला है। मास्टर माइंड जय अपने सहयोगी ओमप्रकाश के बैंक खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफार कराने के लिए कहता था। बदले में उसे कमीशन देता था। जांच में पुलिस को संबंधित खाते में ट्रांजेक्शन के अलावा भी करोड़ों रुपए के अन्य ट्रांजेक्शन का पता चला है। सायरब ठग गिरोह के पास से पुलिस ने अलग-अलग बैंकों के 44 नग एटीएम कार्ड (डेबिट कार्ड), 7 नग मोबाइल, विभिन्न सर्विस प्रोवाइडर के 14 नग सिम, पैन कार्ड, आधार कार्ड, इंडिया पोस्ट कार्ड, बैंक पासबुक और 10,600 रुपए कैश बरामद किया है।

आरोपी बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गनिया निवासी नीरा बाई ध्रुव लॉटरी के झांसे आकर 48100 रुपए ऑनलाइन ठगी की शिकार हुई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच में पाया कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं उनमें एक बैंक खाता ओमप्रकाश यादव निवासी उमरिया (मप्र) और दूसरा करतार सिंह अरोरा निवासी आसनसोल का था। जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों खाते बैंक से होल्ड करा दिए। इस पर टीम भेजी गई। 4 अगस्त को पुलिस ने आरोपी ओमप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर जय गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार किया है।
25 लाख रुपए की लॉटरी के नाम पर ऑनलाइन ठगी
ठग गिरोह के दोनों सदस्य लोगों को 10 से 25 लाख रुपए की लॉटरी लगने का झांसा देते थे और लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। ऑनलाइन ठगी के लिए ये रोज 100 से अधिक नंबर डॉयल करते थे। मोबाइल एप के जरिए वे कि जिस नंबर के माध्यम से उसके मोबाइल पर ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा है। फिर उन्हें कॉल कर 25 लाख रुपए की लॉटरी लगने का
झांसा देते और प्रोसेसिंग के नाम पर खाते में रुपए ट्रांसफर करा लेते थे। बता दें कि साइबर क्राइम में फिशिंग का मतलब किसी को चारा डालकर फंसाना है।
आरोपियों को भेजा गया जेल
मामले में पुलिस ने दोनों आरोपी के खिलाफ धारा 420, 34, आईटी एक्ट की धारा 66 (डी) के तहत अपराध दर्ज किया है। कोर्ट में पेशी के दोनों को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस पूरी कार्रवाई में एएसपी पंकज पटेल, एसडीओपी राजीव वर्मा, नवागढ थाना प्रभारी अजय सिन्हा का योगदान रहा।












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