नगर निगम भिलाई के कर्मचारियों को दो माह से नहीं मिला वेतन, खर्चों में कटौती कर स्थिति सुधारने की तैयारी
नगर निगम भिलाई के कर्मचारियों को 2 माह से वेतन नहीं मिल सका है। अब इन सब के बीच नगर निगम कमिश्नर खर्चों में कटौती कर निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नगर निगम भिलाई की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी निगम की अर्थव्यवस्था बदहाल है। निगम के कर्मचारियों को नवम्बर और दिसम्बर माह का वेतन ही नहीं दिया गया है। सफाई कर्मचारियों को हर माह वेतन के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। वहीं निगम की शहर सरकार को एक साल पूरे हो चुके है। लेकिन शहर सरकार द्वारा किये गए वादे अब भी अधूरे हैं।

आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं कर्मचारी
नगर निगम कर्मचारियों को 2 माह से वेतन नहीं मिलने से उन पर आर्थिक संकट खड़ा हो चुका है। हर बार प्रदर्शन कर वेतन मांगने वाले कर्मचारी अपने घरेलू खर्चों के लिए वेतन का इंतजार कर रहे हैं। नवंबर और दिसंबर माह में इन कर्मचारियों को बिना वेतन के ही काम करना पड़ा है। निगम के अधिकारियों का कहना है, कि आय में कमी व बढ़ते खर्च की वजह से निगम की आर्थिक स्थिति बदहाल है। इसे सुधारने के लिए जल्द ही निगम प्रशासन को कदम उठाने चाहिए।
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अब जागे निगम के अधिकारी, हो रही खर्च में कटौती
नगर पालिक निगम भिलाई आर्थिक तंगी की मार झेल रहा है। निगम की संचित निधि भी लगभग समाप्त हो चुकी है। निगम में हर माह 7 करोड़ रुपये का खर्च वेतन के रूप में होता है। जिसके लिए निगम प्रशासन सम्पत्तिकर और अन्य टैक्स पर निर्भर है। लेकिन टैक्स की वसूली कमजोर होने और अधिक खर्च ने निगम को कर्ज में डूब रखा है। निगम के बिजली, पानी, सफाई और ठेकेदारों के भुगतान के लिए निगम कोष खाली है। वहीं वेतन के लिए हर माह जद्दोजहद करनी पड़ रही है।जिसके चलते अब भिलाई नगर निगम कमिश्नर ने प्रशासनिक खर्चों पर कटौती शुरू कर दी है।
इन खर्चों में कई जा रही कटौती
दरअसल नगर पालिक निगम भिलाई में हर माह 2 लाख 50 हजार रुपए प्रिंटिंग व स्टेशनरी में खर्च किया जाता है। अब इसे कम करने की तैयारी की जा रही है वही निगम में टेलीफोन सेवाएं भी बन्द की जाएगी। टेलीफोन के नाम पर हर महीने 35 हजार रुपए के बिल का भुगतान निगम द्वारा किया जाता है। इसके स्थान पर कर्मचारी अधिकारी स्वयं के मोबाइल का इस्तेमाल करेंगे। निगम पर लगभग एक करोड़ से अधिक का डीजल का बिल बकाया है। जिसके बाद निगम ने गाड़ियों में डीजल की कटौती करने का निर्णय लिया है।
उद्यानों को निजी हाथों में देने की तैयारी
अब निगम क्षेत्र के 110 उद्यानों को निजी एजेंसियों को देने की तैयारी की जा रही है। इन उद्यानों की देखरेख में हर माह लगभग 12 लाख रुपए खर्च होते हैं। इसमें 90 से अधिक कर्मचारियों की जरूरत होती है। निजी हाथों में देने से निगम का यह खर्च कम हो जाएगा। इसके अलावा भिलाई नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए निगम क्षेत्र के खाली जमीनों को किराए पर देने की तैयारी कर रहा है जिससे निगम को अतिरिक्त आय हो सकेगी। जबकि निगम पहले से ही अपने खाली प्लॉटों को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है।












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