छत्तीसगढ़ में Lumpy Virus की दस्तक, दुर्ग के 4 पशुओं में मिले लक्षण, सरकार ने जारी किया अलर्ट
दुर्ग, 24 सितम्बर। मध्यप्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों के में फैलने के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी लंपी वायरस का खतरा बढ़ गया है। राजस्थान, पंजाब में जहां हजारों इसके शिकार हो चुके है वहीं अब छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी इसने दस्तक दे दी है। जिले के चार गायों में इसके लक्षण मिले हैं। प्रदेश के पशुओं को इससे बचाने के लिए राज्य सरकार भी टीकाकरण में जोर दे रही है। वहीं पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने पशुओं का सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजा है।

राज्य सरकार ने जारी किया था अलर्ट
लम्पी वायरस को लेकर राज्य सरकार ने एक माह पहले ही सभी वेटरनरी डॉक्टरों, जिला पशु चिकित्सालय में अलर्ट जारी किया था। राज्य के सीमा वाले इलाकों में पशु मेला या खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही कामधेनु विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाकर ग्रामीणों में अवेयरनेस और इसकी जांच के लिए निर्देशित किया गया था। सरकार की ओर से लंपी वायरस के बचाव के लिए पशुधन को एंटीबायोटिक का टीका भी लगाया जा रहा था। लेकिन लंपी वायरस की जिले में दस्तक बाद राज्य सरकार ने पशुपालकों को अलर्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पशु चिकित्सा विभाग अब ग्रामीणों को पशुओं को इससे बचाने के उपाय बता रहा है।

दुर्ग में चार पशुओं में मिले लक्षण, सैम्पल भेजा गया लैब
छत्तीसगढ़ में पहली बाद दुर्ग के चार गायों में Lumpy Virus के लक्षण की पुष्टि पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने की है। अब पीड़ित पशुओं के ब्लड सैंपल लेकर टेस्ट के लिए रायपुर भेजा गया है। जिसके बाद सैंपल को भोपाल की वेटनरी लैब भेजा जाएगा। उप संचालक, पशु चिकित्सा विभाग डॉ. एमके चावला ने बताया कि विभाग पहले ही इसे लेकर अलर्ट है।एक पशु में लंपी वायरस के लक्षण मिले हैं। उसके अलावा 3 अन्य मवेशियों के सैंपल भी भेजे गए हैं। उसका ब्लड सैंपल रायपुर भेजा गया है। वहां से भोपाल भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय हो पाएगा कि संदिग्ध मवेशी में लंपी के वायरस है या नहीं।

देशभर में अब तक 60 हजार पशुओं की मौत
छत्तीसगढ़ से पहले लम्पी वायरस ने राज्यस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और बिहार, झारखंड, उत्तराखंड जैसे राज्यों में कहर मचाया है, सरकारी आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में ही 45 हजार से अधिक मवेशियों की मौत लम्पी वायरस की मौत हो चुकी है। जबकि देश भर में करीब 60 हजार मवेशियों की मौत Lumpy Virus से हो चुकी है। पंजाब में 74 हजार मवेशी प्रभावित हैं।

पशुपालकों में मचा हड़कम्प
दुर्ग जिले में इस बीमारी की एंट्री होते ही पशुपालकों में हड़कम्प मच गया है। क्योंकि छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश महाराष्ट्र में पशुओं में तेजी से फैल रही लम्पी वायरस ने पड़ोसी जिलों को छोड़कर दुर्ग जैसे जिले में इसका लक्षण पाया गया है। वहीं कई पशुपालकों में इसके लक्षण और बचाव के उपाय की जानकारी का भाव देखा जा रहा है। ऐसे इस वायरस के फैलने पर इससे निपटना एक बड़ी चुनौती है।

लम्पी वायरस से इस तरह करें बचाव
पशु चिकित्सको के अनुसार लंपी वायरस गाय भैंस ही फैलता है। इससे पीड़ित मवेशियों को लक्षण नजर आते ही अलग बाड़े में रखना चाहिए। दूसरे राज्यों से मवेशियों की खरीदी बिक्री न करें। एक जानवर का चारा दूसरा जानवर न खाए। पशुओं को साफ सुथरे स्थान पर रखें। मच्छर, मक्खियों से बचाव करें, एक जानवर की सुई दूसरे जानवर को कभी न लगाएं। इससे यह वायरस तेजी से एक से दूसरे में फैलता है।

लंपी वायरस से पीड़ित पशुओं में लक्षण
कामधेनु विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और पशु चिकित्सक डॉ. एसके मैती के मुताबिक लंपी वायरस से पशुओं में बुखार और शरीर में छोटे बड़े गांठ बन जाते हैं। यह वायरस गाय और भैंस प्रजाति के जानवरों में ही होता है। इस वायरस से पीड़ित पशु के पैरों में सूजन आ जाता है। तेज दर्द के कारण जानवर चल नहीं पाता है। उसका खाना कम हो जाता है। पीड़ित पशु को बाकी पशुओं से अलग क्वारेन्टीन में रखना चाहिए।












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