Mahadev App के पैनल संचालक सतनाम सिंह ने किया सरेंडर, पांच राज्यों में संचालित करता था पैनल
छत्तीसगढ़ में अब ऑनलाइन बेटिंग एप महादेव के पैनल संचालक सतनाम सिंह ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है। समर्पण के बाद सतनाम ने पुलिस को कई अहम जानकारियां भी दी है। सतनाम विभिन्न राज्यों में 5 पैनल संचालित करा रहा था।
छत्तीसगढ़ में अब ऑनलाइन बेटिंग एप महादेव के पैनल संचालकों पर पुलिस के अभियान हंटर का असर साफ नजर आ रहा है। इसके तहत पुलिस अन्य राज्यों में भी सर्जिकल स्ट्राइक की तरह ब्रांचों पर कार्रवाई कर रही है। जिससे घबराए एक बड़े पैलिस्ट ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। समर्पण के बाद पैनल संचालक सतनाम सिंह ने पुलिस को कई अहम जानकारियां भी दी है।

ऑपरेटरों से मिली थी सतमान सिंह की डिटेल
दुर्ग एएसपी संजय ध्रुव ने बताया शांतिनगर भिलाई निवासी सतनाम सिंह के बारे में पूर्व में गिरफ्तार किए गए हाउसिंग बोर्ड कोहका के एप ऑपरेटर मुकेश कुमार, दीपक एवं श्रीकांत से इनपुट मिला था। आरोपियों से पूछताछ करने पर जामुल निवासी नसीमुद्दीन उर्फ नसीम व शांति नगर निवासी सतनाम सिंह के मुख्य पैनल संचालक के रूप में पहचान की गई। 15 नवंबर को फरार आरोपी नसीमुद्दीन उर्फ नसीम को गिरफ्तार किया गया। सतनाम सिंह की पुलिस लगातार अलग अलग राज्यों में तलाश कर रही थी। जिसने अब सरेंडर कर दिया है।

मोबाइल कॉन्टेक्ट और डाटा किया डिलीट
महादेव बुक के पैनल संचालक सतनाम सिंह के पास से दो मोबाइल बरामद किए गए हैं। सरेंडर करने से पहले बड़े ही शातिर तरीके से अपने मोबाइल नम्बर के कॉन्टेक्ट और अन्य डिटेल को डिलीट कर दिया था। लेकिन पुलिस कॉल हिस्ट्री को रिकवर करने का प्रयास करेगी। जिसके बाद ही बाकी आरोपियों की जानकारी मिल सकेगी।

ED ने मांगी थी सतनाम की पूरी जानकारी
दरअसल ED ने पुलिस से सतनाम सिंह की डिटेल मांगी थी। जिसके बाद इडी सतनाम सिंह के पिता को हिरासत में लेने वाली थी। पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने सौरभ चन्द्राकर समेंत कई समाजसेवी, व्यापारी, पुलिस जवानों और पार्षदों, और मीडिया कर्मियों के नाम बताए हैं। जिसकी जांच पुलिस कर रही है। सतनाम सिंह ने बताया कि उसके पास ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है। क्रिकेट सट्टे के दौरान उसकी मुलाकात पंजाब के फगवाड़ा में देवेंद्र सौढ़ा से हुई। उससे 10 प्रतिशत के लाभ के चलते महादेव एप का पैनल खरीदा था।
भिलाई के युवाओं की करता था भर्ती
पुलिस के अनुसार सतनाम सिंह पिछले दो साल से दिल्ली, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में 5 पैनल संचालित कर रहा था। सतनाम अपने लोकल सम्पर्क के माध्यम से भिलाई के पढ़े लिखे युवकों को ब्रांच में ऑपरेटर के रूप में भेजता था। पुलिस के अनुसार पहले भी आईपीएल सट्टा में सतनाम को आरोपी बनाया गया था। पुलिस की हिट लिस्ट में नाम आने के बाद से आरोपी सतनाम अलग-अलग राज्यों में पुलिस से बचता फिर रहा था।
अपने परिवार से नहीं मिल पा रहा था युवक
दरअसल दुर्ग पुलिस की अन्य राज्यों में चल रही महादेव एप के सर्जिकल स्ट्राइक से बचने के लिए जिससे आरोपी सतनाम सिंह लगातार स्थान बदल-बदल कर छिप रहा था। इस बीच अपने परिवार से नहीं मिल पाने से परेशान था। इसके चलते दबाव के कारण आरोपी सतनाम सिंह दुर्ग पुलिस के समक्ष सरेंडर करने के लिए मजबुर हो गया।












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