Chhattisgarh: भाजपा ने मुझ जैसे आदिवासी नेता को क्या दिया, कांग्रेस नेता अच्छी तरह जानते हैं - विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ भाजपा में नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है, बिलासपुर सांसद अरुण साव को छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी है। भाजपा के पुर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय पद से हटाए जाने के पहली बार मीडिया से चर्च
जशपुर, 11अगस्त। छत्तीसगढ़ भाजपा में नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। भाजपा ने बिलासपुर सांसद अरुण साव को छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पहली बार मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे अपनी पार्टी के निर्णय से सहमत हैं। उन्होंने कांग्रेस के बयानों का भी जवाब दिया।

पार्टी ने उम्मीद से बढ़कर दिया।
पार्टी के संगठन की जिम्मेदारी से हताये जाने के बाद विष्णुदेव साय ने कहा कि एक छोटे से गाँव के मुझ जैसे एक किसान के बेटे को भाजपा ने उम्मीद से बढ़कर दिया है। इसके लिए मैं पार्टी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने आगे कहा-पार्टी ने जो निर्णय लिया है। उस निर्णय को हृदय से स्वीकार करता हुं।
विष्णुदेव साय का राजनीतिक करियर
सत्ता, संगठन और शीर्ष नेतृत्व और RSS में अच्छी पकड़ रखने वाले विष्णुदेव साय 1990 से 1998 तक जशपुर के कुनकुरी विधानसभा से 2 बार विधायक रहे, इसके बाद साल 1999 से 2014 तक सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री बने। उन्होंने पहली बार साल 2006 से 2009 तक दूसरी बार 2009- 13 तक तीसरी बार 2020 से अगस्त 2022 तक यानी तीन बार प्रदेश अध्यक्ष का बार दायित्व संभाला।
कांग्रेस के बयानों का दिया जवाब
अध्यक्ष से हटाए जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा आदिवासी दिवस के दिन आदिवासी भाजपा नेता को अध्यक्ष पद से हटाकर आदिवासी समुदाय का अपमान करने के बयान पर विष्णुदेव साय ने कहा कि आदिवासी नेता को पार्टी ने क्या दिया ये कांन्ग्रेस नेता जानतें हैं। मुझे बताने की जरूरत नही है। 2 बार विधायक 4 बार सांसद, 3 बार संगठन की जिम्मेदारी देना कोई छोटी बात नही है।
अब जशपुर में करेंगे
विष्णुदेव साय ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष रहते हुए वे जशपुर नही आ पाते थे। अब वे जशपुर में धर्मांतरण ,गौहत्या,नशे की तस्करी जैसे कई ऐसे मुद्दे है जिन पर काम करने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष से हटने के बाद अब जशपुर और जिले से जुड़े हर गम्भीर मुद्दों पर काम करने का मौका मिलेगा।
कुनकुरी से लड़ सकतें हैं चुनाव!
पार्टी में संगठन की जिम्मेदारी से हटने के बाद साय को भविष्य में चुनाव लड़ने और खासकर कुनकुरी विधानसभा से चुनाव लड़ने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं, इन कयासों को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय जो होगा उसे स्वीकार किया जाएगा। हम चुनाव लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे यह पार्टी तय करेगी मैं नहीं।












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