Balod: स्कूल छोड़ सड़क पर उतरीं छात्राएं, प्रिंसिपल मैडम का किया विरोध, सीएम ने किया था निलंबित
बालोद, 24 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अक्रोशित छात्राओं ने प्राचार्या बर्खास्तगी को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पिछले दिनों छात्राओं ने भेंट मुलाकात की जनचौपाल में मुख्यमंत्री से प्रिंसिपल की शिकायत की थी। जिसके बाद प्रिंसिपल मैंडम को सस्पेंड भी कर दिया गया। लेकिन फिर भी मैंडम स्कूल आती रहीं, इस बात से आक्रोशित छात्राओं ने सड़क पर उतरकर इसका जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मामला यहां तक पहुंच गया कि इन नाराज छात्रों को मानने तमाम बड़े अधिकारियों को मौके पर आना पड़ा।

छात्राओं ने तीन घन्टे तक किया चक्काजाम
प्रिंसिपल संगीता खोब्रागड़े को सस्पेंड किए जाने के बाद भी स्कूल आने से गुस्साए छात्राएं कल सड़क पर उतरीं, और लगभग 3 घंटे सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन में पालकों व ग्रामीणों ने शामिल होकर अपना समर्थन दिया। इस तरह विरोध प्रदर्शन देख सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई। शुक्रवार को सुबह सवा 10 बजे से दोपहर पौने 2 बजे तक पिनकापार मुख्य मार्ग पर चक्का जाम रहा।

यह घटना बालोद जिले के देवरीबंगला पिनकापार शासकीय हाई स्कूल का है। जहां कि छात्राओं ने डौंडी लोहारा विकासखंड के ग्राम जेवरतला रोड में 18 सितंबर को आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने स्कूल में पदस्थ प्राचार्य की शिकायत की थी। यह शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने मौके पर ही प्राचार्य को निलंबित करने का आदेश विभागीय अफसरों को दिया था। निलंबन के बाद भी प्राचार्या स्कूल आती रहीं।
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बड़े अधिकारी पहुंचे तब शांत हुआ मामला
बच्चों ने सड़को पर उतरकर नारेबाजी की और प्रिंसिपल को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की। जिसके बाद मौके पर पहुंके नायब तहसीलदार नवीन ठाकुर, शिक्षा विभाग के अधिकारी, पुलिस ने समझाया फिर मान मनौवल के बाद आंदोलन खत्म करवाया। और छात्राओं के सामने ही प्राचार्या को स्कूल न आने की हिदायत देते हुए निलंबित किया।

प्रिंसिपल पर बच्चों से दुर्व्यवहार का लगा आरोप
बच्चो के अनुसार प्रिंसिपल का व्यवहार बच्चों के प्रति ठीक नहीं है। छात्राओं ने बताया कि स्थानांतरण होने के बाद भी वह पद पर बनी हुई थी, और बच्चों से फीस भी ज्यादा लेती हैं। छात्राओं ने प्रिंसिपल मैंडम के डर से अब तक किसी से शिकायत नही की लेकिन सीएम की भेंट मुलाकात में उन्होंने इसकी शिकायत की। उन्होंने बताया कि निलंबन की कार्यवाही के बाद भी प्राचार्य संगीता खोब्रागढ़े का स्कूल में आना बना हुआ है। इस बात से स्टूडेंट्स व पालकों में आक्रोश है।
डीईओ बोले देर से मिली जानकारी
बालोद जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि प्राचार्य संगीता खोब्रागड़े की शिकायत छात्राओं से मिली थी। निलंबन की कार्रवाई मंत्रालय के अवर सचिव स्तर से की गई है। जिसकी जानकारी दो दिन पहले ही जिला शिक्षा विभाग को मिली। जिसके बाद संबंधित प्राचार्य को इसकी सूचना दे दी गई। प्राचार्या का कहना है कि कार्यमुक्त होने के बाद प्रभार सौंपने गई थी। लेकिन इस बात से बच्चे आक्रोशित हो गए और आंदोलन करने लगे।












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