मेट्रो ट्रेन हादसे में महिला की मौत केस में सरकार ने पूछा- अनाथ बच्चों के मुआवजे को लेकर क्या है पॉलिसी?
दिल्ली के इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर बीती 14 दिसंबर को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। एक महिला की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। महिला की मौत के मामले में दिल्ली की केजरीवाल सरकार के परिवहन मंत्री ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को एक पत्र लिखा है।

दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने अपने इस लेटर में डीएमआरसी को आदेश दिया है कि महिला की मौत मामले में मेट्रो रेलवे सेफ्टी कमिश्नर की ओर से जांच रिपोर्ट दिल्ली सरकार को भेजने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा मंत्री ने कहा है हि इस केस को लेकर जो भी आदेश जारी किया जाए, उसे परिवहन मंत्री के साथ शेयर किया जाए। इसके अलावा परिवहन मंत्री ने हादसे का शिकार हुई महिला के बच्चों को मिलने वाले मुआवजें को लेकर क्या पॉलिसी है, उसके बारे में भी शीघ्र जानकारी मांगी है।
जानें कैसे हुई थी महिला की मौत?
गौरतलब है कि विगत 14 दिसंबर को इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन एक 35 साल की महिला जिसका नाम रीना था, उसकी साड़ी ट्रेन में फंस गई थी और वो कई मीटर तक घिसटती चली गई। जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हुई जिसके बाद उसके सफदरजंग अस्पताल में एडमिट करवाया गया था शनिवार को उस महिला की मौत हो गई।
हालांकि अभी ये नहीं पता चला है कि महिला के साथ ये हादसा मेट्रो में चढ़ते समय हुआ या मेट्रो से उतरते समय। हालांकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला के एक रिश्तेदार के अनुसार महिला पश्चिम दिल्ली के नांगलोई से मोहन नगर के लिए जा रही थी।
मां की मौत के बाद दो बच्चे हुए बेसहारा
इस हादसे में जिस महिला की मौत हुई, उसके पति की 9 साल पहले 2014 में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उसके दो बच्चे हैं जिसमें बेटे छठी और बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती है। रीना लोगों के घरों में बरतन और साफ- सफाई का काम करती थी और सब्जी कर ठेला लगाती थी। उसकी मौत के बाद उसके बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा है। पति की मौत के बाद से वो ही अकेले दिन-रात मेहनत करके अपने बच्चों को पाल रही थी। अब रीना की मौत के बाद उसके बच्चे अनाथ हो गए हैं।












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