Delhi Election 2025: क्या स्मृति ईरानी लड़ेंगी दिल्ली विधानसभा चुनाव? क्या CM फेस बनाकर BJP खेलेगी दांव!
Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनावों में अब दो महीने से भी कम समय बचा है और दिल्ली में राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों में लगी हुई है। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आप ने सभी 70 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करके ताबूत में अंतिम कील ठोक दी है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP)जो आमतौर पर तेजी से आगे बढ़ती है लेकिन दिल्ली चुनाव के लिए अभी तक एक भी उम्मीदवार का नाम नहीं बताया है। हालांकि स्मृति ईरानी जैसे वरिष्ठ नेताओं और प्रवेश वर्मा और रमेश बिधूड़ी जैसे पूर्व सांसदों के संभावित उम्मीदवारों के रूप में चर्चा चल रही है।

क्या स्मृति ईरानी लड़ेंगी दिल्ली विधानसभा चुनाव?
अमेठी में लोकसभा चुनाव हारने वालीं स्मृति ईरानी ने पिछले हफ्ते वरिष्ठ नेताओं वी के मल्होत्रा और विजय गोयल से मुलाकात की। इन मुलाकात के बाद ही स्मृति ईरानी के दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हैं। सोशल मीडिया पर कईयों ने स्मृति ईरानी को दिल्ली का बीजेपी सीएम चेहरा बनाने का भी जिक्र किया है। असल में स्मृति ईरानी भाजपा की बड़ी महिला नेता हैं। ईरानी मोदी के दोनों कार्यकाल 2014 और 2019 में केंद्रीय मंत्री थीं। ऐसे में अगर स्मृति ईरानी दिल्ली का विधानसभा चुनाव लड़ती हैं तो सिर्फ दिल्ली की मंत्री बनकर संतोष तो नहीं करेंगी। हालांकि इसकी अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली चुनाव में भाजपा बड़े नेताओं पर खेलेगी दांव?
प्रवेश वर्मा को केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। भाजपा 8 दिसंबर को दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा की अगुआई में 'परिवर्तन यात्रा' शुरू करने वाली थी, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया है।
पार्टी एक प्रमुख चेहरे के साथ चुनाव में उतरने पर विचार कर रही है और मतदाताओं के मन में भ्रम पैदा नहीं करना चाहती। यह देखना होगा कि क्या भाजपा हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाले कुछ सांसदों को मैदान में उतारेगी या नहीं?
दिल्ली चुनाव 2025 में AAP कितनी मजबूत?
खुद को चुनावी मैदान में पहले ही स्थापित करते हुए आप ने 21 मौजूदा विधायकों को बाहर करने और तीन सीटों पर नए चेहरे खोजने के बाद सभी 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कुछ विधायकों की जगह उनके परिवार के सदस्यों को शामिल किया गया है, जबकि करीब एक दर्जन उम्मीदवार दलबदलू हैं। आप इस बार 10 सालों की एंटी इनकंबेंसी की चुनौती का भी सामना कर रही है। इसी वजह से आप ने 21 विधायकों का टिकट बदल दिया है।
आतिशी के नेतृत्व वाली सरकार के सभी मंत्री अपनी मौजूदा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं और आप की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के बाद केजरीवाल ने स्पष्ट कर दिया कि वह पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की तरह अपनी सीट नहीं बदल रहे हैं।
केजरीवाल का मुकाबला कांग्रेस के संदीप दीक्षित से होगा, जो पूर्व सांसद और दिल्ली की दिवंगत मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे हैं, जिन्हें उन्होंने हराया था। दिल्ली न्याय यात्रा से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर कांग्रेस ने 21 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिन्हें वह पार्टी के लिए "मजबूत" मानती है।
मुख्य आकर्षण संदीप दीक्षित की उम्मीदवारी है, जबकि दिल्ली कांग्रेस प्रमुख देवेंद्र यादव और वरिष्ठ नेता भी सूची में हैं। पार्टियों को उम्मीद है कि चुनाव आयोग अगले सप्ताह चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। आप और भाजपा ने मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर पहले ही चिंता जताई है।












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