ठंडे पानी में खड़े होकर अर्घ्य देने का गहरा आध्यात्मिक महत्व है; छठ पूजा को लेकर बोले मनीष सिसोदिया
Chhath Puja: छठ पूजा धूमधाम से मनाया जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में भी इस पर्व को लेकर लोग उत्सुक हैं। आप नेता मनीष सिसोदिया ने छठ पूजा के तीसरे दिन छठ घाटों का जायजा लिया। इस क्रम में उन्होंने पूजा-अर्चना की।
आम आदमी पार्टी ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट से पोस्ट किया, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया पटपड़गंज विधानसभा के अलग-अलग छठ पूजा आयोजनों में शामिल हुए। उन्होंने छठी मईया और भगवान भास्कर से सभी के सुख समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। दिल्ली सरकार ने पूर्वांचली भाई-बहनों के लिए पूरी दिल्ली में शानदार छठ घाट बनवाये और पूजा का आयोजन किया।

सिसोदिया ने कहा, छठ व्रत में माताएं और बहनें मिट्टी, फूलों और हरे पत्तों से सजी बेदी पर बैठकर पूजा करती हैं। इस बेदी पर उनकी श्रद्धा और आस्था की गहराई को महसूस करना मेरे लिए बेहद विशेष अनुभव है। वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरी सृष्टि के कल्याण की कामना करती हैं। उनके साथ खड़े होकर इस पूजा का हिस्सा बनना, उस शक्ति और प्रेम का एहसास कराता है, जो हमारे जीवन में उजाला और शांति का संचार करता है।
उन्होंने कहा, छठ पूजा में ठंडे पानी में खड़े होकर अर्घ्य देने का गहरा आध्यात्मिक महत्व है। यह तपस्या, संयम और प्रकृति के साथ सामंजस्य का प्रतीक है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार से पहले केवल 60 छठ घाटों पर व्यवस्थाएं होती थीं, लेकिन अब केजरीवाल जी के निर्देश पर पूरी दिल्ली में 1000 से ज़्यादा छठ पूजा आयोजन होते हैं और हजारों घाट बनाए जाते हैं।
आगे उन्होंने कहा, छठी मैया का कठिन व्रत धारण किए हुए महिलाएँ जब पानी में खड़े होकर सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित करती हैं, तो यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक अनोखी आध्यात्मिक यात्रा होती है। इस यात्रा के दौरान उनकी आस्था इतनी प्रबल होती है कि कठिनाईयों का कोई मोल नहीं रहता; वे मन, शरीर और आत्मा से एक ऐसे अध्यात्मिक बल से जुड़ जाती हैं, जो उन्हें असीमित धैर्य और शक्ति प्रदान करता है। यह त्याग और तपस्या हमें यह सिखाती है कि सच्चे समर्पण और सेवा का अर्थ क्या होता है।












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