‘बंगाल में अब खत्म होगा खेला?’ रेखा गुप्ता का ममता पर सीधा वार, TMC पर SIR रोकने के आरोप से गरमाई सियासत
Rekha Gupta Mamata Banerjee News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाज़ी का तापमान एक बार फिर तेज हो गया है। रेखा गुप्ता ने कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने घुसपैठियों की पहचान के लिए चल रही SIR प्रक्रिया को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
SIR पर टकराव और 'घुसपैठ' का मुद्दा (SIR Controversy)
कोलकाता के साइंस सिटी ऑडिटोरियम में बीजेपी महिला मोर्चा की 'नारी संकल्प यात्रा' को संबोधित करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार की कथित तुष्टिकरण और ढीली नीतियों के कारण हजारों घुसपैठिए बंगाल में दाखिल हुए हैं। उनका दावा था कि इससे पानी, बिजली, राशन, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी अधिकारों पर दबाव पड़ा है।

उन्होंने कहा कि SIR का मकसद फर्जी मतदाताओं की पहचान कर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है, लेकिन राज्य सरकार इसे रोकने की कोशिश कर रही है। गुप्ता ने सवाल उठाया कि आखिर एक मुख्यमंत्री निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया के खिलाफ अदालत क्यों जाएगा।
महिला सुरक्षा पर सीधा हमला (Women Safety Issue)
रेखा गुप्ता ने महिला सुरक्षा को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म-हत्या और दुर्गापुर व कोलकाता में सामने आए अन्य कथित दुष्कर्म मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उनका आरोप था कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राज्य में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि अपराध दर और बाल विवाह के मामलों में बंगाल की स्थिति चिंताजनक है, जो कभी सामाजिक आंदोलनों का नेतृत्व करने वाले राज्य के लिए धब्बा है।
योजनाओं और शिक्षा पर सवाल (Welfare and Education Debate)
रेखा गुप्ता ने राज्य की कल्याणकारी योजनाओं, खासकर कन्याश्री, को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि महिलाओं को सिर्फ वादे नहीं बल्कि सुरक्षा चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना और जल जीवन मिशन जैसी केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं किया गया, जिससे गरीबों तक हजारों करोड़ रुपये की मदद नहीं पहुंच सकी।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी टिप्पणी की और कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण कई सरकारी स्कूल बंद हुए हैं तथा राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रही है। दिल्ली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि "दिल्ली में लोग 'भैया' को विदा कर चुके हैं, अब बंगाल की बारी है 'दीदी' को विदाई देने की।"
TMC का तीखा जवाब (TMC Counter Attack)
इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री को पहले अपने राज्य की स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा, लापता लड़कियों की खबरों, रेड फोर्ट के पास हुए धमाके और प्रदूषण की समस्या का हवाला देते हुए कहा कि वहां लोग सांस लेने को मजबूर हैं।
TMC ने सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कुल अपराध मामलों में बंगाल 15वें स्थान पर है, जबकि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात की स्थिति ज्यादा खराब है। पार्टी ने दावा किया कि समग्र अपराध दर में बंगाल 28वें स्थान पर है और दिल्ली खुद दूसरे स्थान पर है। बाल विवाह के मामले में असम को सबसे ऊपर बताते हुए TMC ने भाजपा पर पाखंड का आरोप लगाया।
कुल मिलाकर, बंगाल की राजनीति में यह जुबानी जंग आने वाले चुनावी मुकाबले की आहट दे रही है। आरोप और प्रत्यारोप के बीच असली फैसला आखिरकार जनता के हाथ में ही रहेगा।












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