वाल्मीकि जयंती पर शैली ओबरॉय का बड़ा ऐलान, 5000 निकाय कर्मचारी होंगे स्थायी
महर्षि बाल्मीकि जयंती के मौके पर दिल्ली की मेयर डॉक्टर शैली ओबरॉय ने बधाई दी है। शैली ओबरॉय ने कहा कि मैं महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पूरे वाल्मीकि समाज को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देना चाहती हूं। हम नगर निगम के 5,000 कर्मचारियों को अगले सप्ताह स्थायी करने वाले हैं। इस जयंती पर बहुत बड़ा उपहार मुख्यमंत्री द्वारा हम पूरे समाज को देने जा रहे है।
बता दें कि महर्षि वाल्मीकि महान ऋषि थे, उनके सम्मान में हर वर्ष धूमधाम से श्रद्धा के साथ वाल्मीकि जयंती मनाई जाती है। महर्षि वाल्मीकि ने महान ग्रंथ रामायण की रचना की थी। जिसका हिंदू धर्म में काफी महत्व है। महर्षि वाल्मीकि जयंती को अश्विन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष 28 अक्टूबर को पूर्णिमा के मौके पर महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई गई।

महर्षि वाल्मीकि प्रसिद्ध कवि थे, ऐसी मान्यता है कि वह भगवान राम के परम भक्त थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार महर्षि वाल्मीकि ही एकमात्र ऐसे कवि थे जिन्होंने माता सीता को उस वक्त आश्रय दिया था जब वह अयोध्या छोड़ वन को जाती हैं। महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में ही माता सीता ने लव-कुश को जन्म दिया था।
वाल्मीकि जयंती के मौके पर लोग उन्हें याद करते हैं, उनके ज्ञान को जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं और उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हैं। जिस भाव से महर्षि वाल्मीकि ने भगवान राम के जीवन का वर्णन किया है वह किसी का भी मन मोह लेता है।
वाल्मीकि समुदाय के लोग महर्षि वाल्मीकी की जयंती को विशेष रूप से धूमधाम से मनाते हैं। उनके मंदिरों को धूमधाम से सजाया जाता है। चेन्नई के तिरुन्मियूर में महर्षि वाल्मीकि का भव्य प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर तकरीबन 1300 साल पुराना है, यहां धूमधाम से महर्षि वाल्मीकि की जयंती को मनाया जाता है।












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