शाहीन बाग प्रदर्शनः मोहम्मद आरिफ सुबह जगे तो देखा- बेटे के शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी...
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग में एनआरसी और सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन से बीते 30 जनवरी को घर लौटे दंपती के चार माह का मुहम्मद जहान की मौत हो गई। मृतक बच्चे की मां का कहना है कि जहान की मौत ठंड लगने से हुई है। हालांकि बच्चे की मौत का प्रमाणपत्र में चिकित्सकों ने किसी खास कारण से मृत्यु का जिक्र नहीं किया है। हालांकि बच्चे

बरेली का रहने वाला है परिवार
परिवार मूलरूप से बरेली के रहने वाले दंपती मुहम्मद आरिफ और नाजिया बाटला हाउस स्थित इलाके में एक झोपड़ी में अपने परिवार के साथ रहते थे। आरिफ ई-रिक्शा के साथ-साथ सिलाई-कढ़ाई का भी काम करते हैं। मुहम्म आरिफ ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ शाहीन बाग से 30 जनवरी की रात लगभग एक बजे घर लौटे थे।

सुबह उठा तो देखा बच्चे में कोई हरकत नहीं
इसके बाद परिवार सोने चला गया। सुबह उठकर आरिफ ने देखा कि जहान सोया हुआ है लेकिन किसी तरह की हरकत नहीं कर रहा है। इसके बाद दंपती 31 जनवरी को अलशिफा अस्पताल में जहान के ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। बच्चे की मौत के बाद भी दंपती धरना स्थल पर जा रहा है। मां नाजिया का कहना है कि ये मेरे बच्चों के भविष्य के लिए है। शाहीन बाग में खुले में प्रदर्शन के दौरान चार महीने के इस बच्चे को ठंड लग गई थी।

बच्चे की मौत के बाद भी परिवार प्रदर्शन में ले रहा है हिस्सा
इसके बाद उसे भयंकर जुकाम और सीने में जकड़न होने लगी और पिछले हफ्ते चार महीने के मासूम ने दम तोड़ दिया। नाजिया 18 दिसंबर से रोज शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन में शामिल हो रही थीं। यूपी के बरेली के रहने वाले दंपत्ति मुश्किल से अपना गुजारा कर पाते हैं। आरिफ कढ़ाई का काम करते हैं और ई-रिक्शा भी चलाते हैं। बच्चे की मौत से गमगीन आरिफ कहते हैं, 'कढ़ाई के काम के साथ-साथ ई-रिक्शा चलाने के बाद भी पर्याप्त कमाई नहीं कर सका, मेरे बच्चे की मौत हो गई, हमने सब कुछ खो दिया।












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