Republic Day Parade: इन युद्ध घोष से गूंज उठेगा कर्तव्य पथ, हाई जोश के साथ कौन से नारे लगाएगी इंडियन आर्मी?
Republic Day Parade 2026: गणतंत्र दिवस 2026 पर पूरा देश सैन्य शौर्य और सांस्कृतिक विरासत के अद्भुत संगम का साक्षी बनने के लिए तैयार है। दिल्ली का कर्तव्य पथ कल जीवंत हो उठेगा जब भारतीय सेना की विभिन्न रेजिमेंटें अपने पारंपरिक युद्ध घोष (War Cries) और अदम्य साहस के साथ कदमताल करेंगी।
इस वर्ष की परेड विशेष रूप से ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित यह समारोह न केवल भारत की स्वदेशी तकनीकी प्रगति को दिखाएगा, बल्कि पहली बार एक अनूठी 'चरणबद्ध युद्ध संरचना' (Phased Combat Configuration) का प्रदर्शन कर दुनिया को भारत की बदलती रक्षा रणनीति का लोहा भी मनवाएगा।

गूंजेंगे ये युद्ध घोष, रेजिमेंट्स का गौरवशाली इतिहास
कर्तव्य पथ पर जब सैनिक मार्च करेंगे, तो उनके नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के जोश से भर जाएगा। प्रत्येक रेजिमेंट की अपनी पहचान और उसका गौरवशाली नारा उसकी वीरता की कहानी कहता है:
राजपूत रेजिमेंट: यह भारत की सबसे पुरानी पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक है। इनका युद्धघोष "बोल बजरंग बली की जय" है और आदर्श वाक्य 'सर्वत्र विजय' (हर जगह विजय) है। इनका प्रतीक चिन्ह अशोक के पत्तों के साथ क्रॉस किए हुए राजपूत खंजर हैं।
असम रेजिमेंट: पूर्वोत्तर की शान यह रेजिमेंट "राइनो चार्ज" के युद्धघोष के साथ आगे बढ़ेगी। इनका प्रतीक एक सींग वाला गैंडा है। कैप्टन आर्यन के नेतृत्व में 144 जवानों की यह टुकड़ी अपनी विशेष चपलता के लिए जानी जाती है।
जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAK LI): इस रेजिमेंट का गठन 1947-48 के आक्रमण को रोकने वाले स्थानीय मिलिशिया से हुआ था। इनका वार क्राय "भारत माता की जय" है और आदर्श वाक्य 'बलिदानम वीर लक्षणम' है।
लद्दाख स्काउट्स: इन्हें 'नुन्नू' के नाम से भी जाना जाता है। कारगिल युद्ध के नायक रहे इन जवानों ने अब तक 600 से अधिक वीरता सम्मान जीते हैं। लद्दाख स्काउट्स का युद्ध नारा "की की सो सो ल्हारग्यालो" है, जो एक तिब्बती वाक्यांश है जिसका मतलब है "भगवान की जय हो" या "देवता विजयी हैं"।
भैरव लाइट कमांडो और पशु टुकड़ी का जलवा
इस वर्ष परेड में कई नई शुरुआत होने जा रही हैं। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के मार्गदर्शन में गठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना प्रदर्शन करेगी। यह बटालियन पैदल सेना और विशेष बलों के बीच के अंतर को पाटने का काम करती है। भैरव बटालियन का युद्ध घोष "राजा राम चंद्र की जय" है।
एक अन्य आकर्षण रिमाउंट और पशु चिकित्सा कोर (RVC) की समर्पित पशु टुकड़ी होगी। इसमें लद्दाख के दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंट (जो 15,000 फीट पर 250 किलो वजन उठा सकते हैं), ज़ांस्कर टट्टू, और सेना के शिकारी पक्षी शामिल होंगे। साथ ही मुधोल हाउंड और राजपालयम जैसी स्वदेशी नस्लों के सैन्य कुत्ते भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
'चरणबद्ध युद्ध विन्यास' में दिखेंगे घातक हथियार
2026 की परेड का सबसे बड़ा आकर्षण सेना की मशीनीकृत शक्ति का नया प्रदर्शन होगा। पहली बार युद्ध के मैदान जैसी स्थिति को दर्शाते हुए 'फेज्ड कॉम्बैट कॉन्फ़िगरेशन' में हथियार दिखाई देंगे।
- T-90 और अर्जुन टैंक: भारत की मुख्य युद्धक शक्ति।
- नाग और ब्रह्मोस मिसाइल: अजेय मारक क्षमता वाले स्वदेशी प्लेटफॉर्म।
- NAMIS-II प्रणाली और BMP-II: उच्च गतिशीलता वाले टोही वाहन।
- तोपखाना रेजिमेंट: जिसे 'युद्ध का देवता' कहा जाता है, अपनी फील्ड गन और मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर के साथ शामिल होगी।
वायु सेना और नौसेना, आसमान से समुद्र तक का शौर्य
इस वर्ष भारतीय वायु सेना (IAF) मुख्य सैन्य सेवा के रूप में पूरे कार्यक्रम का संचालन कर रही है। स्क्वाड्रन लीडर जगदीश कुमार के नेतृत्व में 144 सदस्यीय दल मार्च करेगा। वायु सेना की झांकी 'संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक' विषय पर आधारित होगी। फ्लाईपास्ट में राफेल, Su-30 MKI, और प्रचंड (LCH) जैसे 29 विमान आसमान में अपनी गर्जना सुनाएंगे।
भारतीय नौसेना का नेतृत्व लेफ्टिनेंट करण नाग्याल करेंगे। नौसेना की झांकी में समुद्री इतिहास के 5वीं शताब्दी के जहाजों से लेकर आधुनिक आईएनएस विक्रांत और कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों तक के सफर को दिखाया जाएगा।
कमान संभालेंगी महिला अधिकारी
गणतंत्र दिवस 2026 महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण पेश करेगा। CRPF की 140 से अधिक पुरुष कर्मियों वाली टुकड़ी का नेतृत्व 26 वर्षीय महिला अधिकारी सहायक कमांडेंट सिमरन बाला करेंगी। यह पहली बार है जब कोई महिला अधिकारी पुरुष सीआरपीएफ दस्ते का नेतृत्व कर रही है। वहीं, तोपखाना रेजिमेंट की मशीनीकृत टुकड़ियों की कमान भी महिला अधिकारी संभालती नजर आएंगी और वायु सेना के बैंड में 9 महिला अग्निवीरवायु शामिल होंगी।












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