'जेल वाला' सीएम अब 'बेल वाला' सीएम है, केजरीवाल को जमानत मिलने पर बीजेपी
आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। तिहाड़ में बंद केजरीवाल 156 दिन बाद जेल से बाहर आएंगे। केजरीवाल को जमानत मिलने पर बीजेपी नेताओं ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा, ''जेल वाला' सीएम अब 'बेल वाला' सीएम है।'
बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने 'कट्टर बेईमान' आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर आईना दिखाया है। उन्हें सशर्त जमानत मिली है। 'जेल वाला' सीएम अब 'बेल वाला' सीएम है... सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली की जनता की आवाज पर अरविंद केजरीवाल सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए।'

लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि उनमें नैतिकता का एक कतरा भी नहीं है। वह कहते थे कि आरोप लगने पर भी राजनेता को इस्तीफा दे देना चाहिए। और अब वह जमानत पर बाहर हैं, वह 6 महीने जेल में रहे, लेकिन वह इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। भ्रष्टाचार युक्त, सीएम अभियुक्त... अब वह आरोपी की श्रेणी में हैं।
इतना ही नहीं, दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा,'हम आग्रह करते हैं कि अगर उनमें (अवरिंद केजरीवाल) थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। केजरीवाल और आप का कोई नैतिक चरित्र नहीं है। वे 'सत्यमेव जयते' के सच्चे अर्थ से कोसों दूर हैं।'
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि गिरफ्तारी कानूनी थी। इसके बावजूद अगर आप 'सत्यमेव जयते' कहते हैं - ऐसा 'सत्यमेव' आपको मुबारक। अरविंद केजरीवाल को आज जमानत मिल गई है। मैं कहना चाहूंगा कि आप 'जमानती क्लब' बन गई है और अरविंद केजरीवाल का वहां स्वागत है।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुत गंभीर टिप्पणियां की हैं, उसने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी कानूनी थी और अगर यह कानूनी थी तो कोर्ट जांच एजेंसियों द्वारा कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए आबकारी नीति घोटाले के तथ्यों और सबूतों से संतुष्ट है। जमानत का मतलब बरी होना नहीं है, यह एक अदालती प्रक्रिया है और सभी को जमानत मिलती है।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण लालू यादव हैं...अरविंद केजरीवाल भी अपवाद नहीं हैं। चीजें कोर्ट के सामने हैं, मुझे लगता है कि जिस दिन उन्हें दोषी ठहराया जाएगा, केजरीवाल और उनके सहयोगियों को सजा मिलेगी...हम आग्रह करते हैं कि अगर उनमें थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल और आप का कोई नैतिक चरित्र नहीं है। वे 'सत्यमेव जयते' के सही अर्थ से कोसों दूर हैं। वे दिल्ली के लोगों को लूटते और धोखा देते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि गिरफ्तारी कानूनी थी। इसके बावजूद अगर आप 'सत्यमेव जयते' कहते हैं - ऐसा 'सत्यमेव' आपको मुबारक।












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