Delhi tragedy: 'छात्रों की मौत पर राजनीति ना करें', भड़के शिक्षा मंत्री

Delhi tragedy: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर जोर दिया है कि राज्य सरकारों को कोचिंग सेंटरों के संचालन की निगरानी करनी चाहिए। यह बयान दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में बाढ़ की घटना में तीन छात्रों की दुखद मौत के बाद आया है।

प्रधान ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदारी सौंपने के महत्व पर जोर दिया।भारत सरकार ने कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण और न्यूनतम मानक तय करने के बारे में राज्यों को सलाह जारी की है।

Delhi tragedy

हालांकि, कुछ राज्यों के अपने नियम हैं। प्रधान ने इन सरकारों से दिशा-निर्देशों का पालन करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया।

राज्यसभा के सदस्यों ने अवैध कोचिंग सेंटरों को संचालित करने की अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इन संस्थानों की निगरानी के लिए एक नियामक स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। कुछ सदस्यों ने स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता की भी आलोचना की।

प्रधान ने जवाब देते हुए कहा कि कोचिंग उद्योग को मौजूदा नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पारदर्शिता और देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने कोचिंग सेंटरों पर प्रतिबंध लगाने, अपने राज्य पर श्वेत पत्र जारी करने और इस मामले पर चर्चा की मांग की। उन्होंने निजी और सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में समान शिक्षा मानकों की भी मांग की।

प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकारों को कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण और न्यूनतम मानकों के बारे में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली जैसी भविष्य की त्रासदियों को रोकने के लिए जवाबदेही बहुत महत्वपूर्ण है।

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