धर्म संसद में मुस्लिमों के खिलाफ किसी ने एक शब्द भी नहीं बोला- सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस
नई दिल्ली, 14 अप्रैल: दिल्ली की पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि राजधानी में बीते साल हुए धर्म संसद नाम के आयोजन में मुसलमानों के खिलाफ कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया गया था। दिल्ली में 19 दिसंबर 2021 को हुए विवादित धर्म संसद कार्यक्रम में भड़काऊ भाषणों की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था। दिल्ली पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में इस कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण ना होने और केस को बंद कर दिए जाने की बात कही गई है।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि 17 से लेकर 19 दिसंबर, 2021 के बीच दिल्ली समेत कई में शहरों में धर्म संसद आयोजित की गई थी। जिसमें मुस्लिम समाज के खिलाफ नफरत भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसके कई वीडियो भी वायरल हैं।
मुस्लिमों के खिलाफ तो एक भी शब्द नहीं बोला गया
साउथ ईस्ट दिल्ली की डीसीपी ईशा पांडे ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देते हुए बताया कि पिछले साल 19 दिसंबर को दिल्ली में हुए धर्म संसद कार्यक्रम में मुस्लिमों के खिलाफ किसी भी तरह का भड़काऊ भाषण नहीं दिया गया। पुलिस ने कहा है कि धर्म संसद के वीडियो की जांच में पाया कि इस कार्यक्रम में किसी समुदाय के खिलाफ कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया गया था। ऐसे किसी भी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था, जिसका अर्थ ये निकाला जाए कि मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान किया जा रहा हो।












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