दिल्ली में कमी के साथ महंगी भी हो सकती है शराब, कल से बंद हो जाएंगी सभी सरकारी दुकानें
नई दिल्ली, 16 नवंबर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कल यानी बुधवार से नई आबकारी नीति लागू होगी जिसके तहत शहर में शराब की खुदरा दुकानों का संचालन निजी हाथों में होगा। दरअसल, दिल्ली सरकार ने शराब के कारोबार से खुद को अलग कर लिया है, और उसके द्वारा चलाई जा रही लगभग 600 से अधिक शराब की दुकानें (ठेके) मंगलवार रात बंद हो जाएंगे। नई आबकारी नीति के तहत शहर के राजस्व, शराब माफिया पर नकेल कसना और ग्रहकों के अनुभव में सुधार करने की कोशिश है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को शराब की सरकारी खुदरा दुकानें बंद होने की वजह से राजधानी में शराब की कमी हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी कोई गारंटी नहीं कि कल से लगभग 850 निजी दुकानें काम करने शुरू कर दें। विभाग के सूत्रों के अनुसार नई आबकारी नीति के तहत बुधवार से करीब 300-350 दुकानों के खुलने की आशंका है, हालांकि नए नियम लागू होने से पहले ही 32 जोन के आवेदकों को लाइसेंस दिया जा चुका है। करीब 350 दुकानों को प्रोविजनल लाइसेंस जारी किया गया है।
यह भी पढ़ें: होटल में खाना खाने आए कपल ने चुराई शराब की 45 बोतलें, एक बोतल की कीमत 3 करोड़ रुपए
इसके अलावा 200 से अधिक ब्रांड 10 होलसेल लाइसेंस धारकों के साथ रजिस्टर्ड हैं। इन होलसेल धारकों ने अभ तक अलग-अलग ब्रांड की करीब नौ लाख लीटर शराब खरीदी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही दिल्ली में शराब की शॉर्टेज खत्म होगी और 850 शराब की दुकानें धीरे-धीरे काम करने लगेंगी। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली ऐसा पहली बार होगा जब यहां एक भी सरकारी शराब की दुकान नहीं होगी, यह कारोबार पूरी तरह निजी हाथों में चला जाएगा। दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत सभी 850 सरकारी शराब की दुकानों को निजी फर्मों को सौंप दिया है।
महंगी हो सकती है शराब
नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने कहा, शराब की कीमतें शुरुआती दिनों में थोड़ी ऊंची दरों के साथ शुरू हो सकती हैं, लेकिन यह दूसरे राज्यों से रास्ता भी हो सकता है। आखिरकार कीमतें स्थिर होने के लिए बाध्य हैं और हम सुरक्षित रूप से कह सकते हैं कि दिल्ली शराब की दरों को कम रखने और आकर्षक छूट की पेशकश करने के लिए गुरुग्राम के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करेगी, जो अब तक राष्ट्रीय राजधानी में संभव नहीं था।












Click it and Unblock the Notifications