'8 फरवरी को खत्म होगा कुशासन, दिल्ली होगी आप-दा से मुक्त', अमित शाह का AAP पर बड़ा हमला
Delhi Election 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर बड़ा हमला किया है। शाह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में कई वादे पूरे नहीं हुए। शाह ने कहा, "चुनाव 5 फरवरी को होंगे। नरेला के लोग अपना वोट डालेंगे, और 8 फरवरी को वोटों की गिनती होगी। 8 फरवरी को दिल्ली आपदा से मुक्त हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आप को 'आप-दा' कहा है। केजरीवाल का कुशासन 8 फरवरी के बाद समाप्त हो जायेगा।"
अमित शाह ने यह भी कहा कि केजरीवाल के शासन में दिल्ली की स्थिति और भी खराब हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि "दस वर्षों में, जिन राज्यों में डबल इंजन सरकारें बनीं, वे ऊंचाई तक पहुंचे, लेकिन दिल्ली जलभराव, गंदे पानी और कचरे से जूझ रही है।"

लगाया पूर्वांचली मतदाताओं का अपमान करने का आरोप
इसके अलावा,अमित शाह ने आम आदमी पार्टी पर पूर्वांचली मतदाताओं का अपमान करने का आरोप लगाया। "आप ने न केवल अराजकता पैदा की, बल्कि हमारे पूर्वांचली भाइयों और बहनों का भी अपमान किया। वे कहते हैं कि पूर्वांचली मतदाता नकली होते हैं। शाह ने पूछा कि "केजरीवाल जी, क्या बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से आए मेरे भाइयों और बहनों को दिल्ली में वोट डालने का अधिकार नहीं है?"
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किया संविधान की ताक़त का ज़िक्र
गृहमंत्री ,अमित शाह ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में देशवासियों के योगदान की सराहना की और कहा, "हमारे संविधान के लागू होने के 75 वर्षों में देशवासियों ने लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया। यह लोकतंत्र ही है, जिसके कारण एक गरीब चायवाले का बेटा, नरेंद्र मोदी, तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनकर आया है। यह संविधान ही है, जिसके कारण एक गरीब आदिवासी की बेटी, द्रौपदी मुर्मू, महामहीम के रूप में राष्ट्रपति भवन में बैठती हैं।"
क्या कहता है दिल्ली विधानसभा चुनाव का गणित?
ज्ञात हो कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार AAP तीसरी बार सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी सत्ता को छीनने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। वोटों की गिनती 8 फरवरी को होगी। कुल 699 उम्मीदवार 70 विधानसभा सीटों के लिए मैदान में हैं। कांग्रेस, जो 15 साल तक दिल्ली में सत्ता में थी, पिछले दो विधानसभा चुनावों में कोई सीट नहीं जीत पाई। इसके विपरीत, AAP ने 2015 और 2020 में क्रमशः 67 और 62 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी ने इन चुनावों में केवल तीन और आठ सीटें ही जीतीं।
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