Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MCD elections: हाई वोल्टेज प्रचार के बाद भी हारी BJP, मोदी के मिशन 2024 के लिए क्यों है बड़ा झटका

दिल्ली में मतदान प्रतिशत कम रहने के बाद चुनावी विश्लेषक ये मान रहे थे कि, एमसीडी में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। लेकिन दिल्ली में आप ने एमसीडी पर कब्जा कर लिया।

MCD elections BJP lost even after high voltage campaign, why it is a big blow to Modis mission 2024

MCD elections दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के 250 वार्डों के परिणाम साफ हो गए हैं। अब तक के रुझानों और नतीजों में 250 वॉर्ड वाले दिल्ली एमसीडी में आम आदमी पार्टी बीजेपी से निर्णायक बढ़त बना चुकी है। एमसीडी पर बीजेपी का 15 वर्षों से कब्जा था, लेकिन इस बार आप ने बहुमत हासिल कर लिया है। दिल्ली के ये चुनाव नतीजे बीजेपी के लिए परेशानी खड़े कर सकते हैं। इस बार दिल्ली में करीब 50 फीसदी मतदान हुआ था, जो पिछले चुनाव की तुलना में 3 फीसदी कम था।

सत्ता विरोधी लहर के बाद भी बीजेपी की हार का अंतर रहा कम

सत्ता विरोधी लहर के बाद भी बीजेपी की हार का अंतर रहा कम

इस बार हुए कम मतदान ने राजनीतिक दलों के परिणामों पर असर डाला है। एक किसी चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ा है तो ये सत्ता विरोधी लहर के संकेत देता है। लेकिन कम मतदान के बाद भी बीजेपी दिल्ली के सत्ता में परिवर्तन हो गई। बीजेपी भले ही 15 साल बाद एमसीडी से बाहर हुई है, लेकिन उसकी हार का अंतर बड़ा नहीं है। बीजेपी इस चुनाव में 105 सीटों पर कब्जा करने में सफल रही है। वहीं आप के खाते में 133 के करीब सीटें आई हैं।

कम मतदान के बाद भी दिल्ली में सत्ता परिवर्तन

कम मतदान के बाद भी दिल्ली में सत्ता परिवर्तन

दिल्ली में मतदान प्रतिशत कम रहने के बाद चुनावी विश्लेषक ये मान रहे थे कि, एमसीडी में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। इसके साथ ही जीतने वाले प्रत्याशियों की जीत का अंतर भी बड़ा नहीं होगा। लेकिन कम मतदान के बाद भी दिल्ली में सत्ता परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इन परिणामों ने एक बार फिर से चुनावी विश्लेषकों को गलत साबित कर दिया है।

अच्छी पकड़ वाले इलाकों में भी हारी बीजेपी

अच्छी पकड़ वाले इलाकों में भी हारी बीजेपी

दिल्ली में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही था। कांग्रेस पूरे चुनाव प्रचार में कहीं भी नजर नहीं आई। जिसका असर चुनाव नजीतों पर भी दिखा है। आप 133, बीजेपी 103, कांग्रेस 10 और 3 सीटें अन्य के खाते में आती दिख रही हैं।इस बार के चुनाव में बीजेपी दिल्ली के उन इलाकों में पीछे नजर आ रही हैं, जहां उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पश्चिमी दिल्ली के कई वॉर्ड जहां सिख मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। वहां बीजेपी पिछड़ रही है।

एमसीडी चुनाव में हार से भगवा पार्टी को बड़ा झटका

एमसीडी चुनाव में हार से भगवा पार्टी को बड़ा झटका

सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही भाजपा का उन वार्डों में निराशाजनक प्रदर्शन कहा है। जिसमें बीजेपी मजूबत मानी जाती थी। जिसमें तिलक नगर और हरी नगर के अलावा जनकपुरी, विकासपुरी जैसे इलाके शामिल हैं। ये परिणाम भगवा पार्टी के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में मतदाता भाजपा समर्थक रहे हैं। एमसीडी चुनाव में हार से भगवा पार्टी को बड़ा झटका है।

इस हार के बाद दिल्ली में बीजेपी की शक्तियां हुईं सीमित

इस हार के बाद दिल्ली में बीजेपी की शक्तियां हुईं सीमित

भाजपा एमसीडी के जरिए दिल्ली के शासन के महत्वपूर्ण हिस्सों को नियंत्रित करती थी। बीजेपी राज्यपाल के जरिए राष्ट्रीय राजधानी में कानून और व्यवस्था, भूमि और नौकरशाही को अपने कंट्रोल में रखती थी। वहीं एमसीडी के जरिए उसका अन्य मामलों में भी दखल रहता था। अब एमसीडी खोने के बाद बीजेपी दिल्ली के प्रशासन के केवल एक हिस्से तक ही सीमित रह जाएगी।

हाई वोल्टेज चुनाव प्रचार भी बीजेपी को नहीं बचा पाया

हाई वोल्टेज चुनाव प्रचार भी बीजेपी को नहीं बचा पाया

वहीं आप की इस जीत ने दिल्ली सरकार के साथ-साथ पूरे निगम पर शासन करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। जिसके 15 साल से बीजेपी नियंत्रित करती आ रही थी। प्रचार के दौरान भाजपा ने मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने सारे संसाधन झोंक दिए थे। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कैबिनेट मंत्रियों सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानियों में रोड शो किए थे। इस तरह के हाई-वोल्टेज चुनाव प्रचार के बावजूद बीजेपी अपना किला नहीं बचा पाई है। यह लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के मिशन को बड़ा झटका माना जा रहा है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+