क्या 'आप' कर रही है विपक्ष में बैठने की तैयारी? MCD मेयर चुनाव से पहले पार्टी की पहल से उठ रहे सवाल
MCD AAP: दिल्ली नगर निगम (MCD) के 2025-26 बजट को अंतिम रूप दिए जाने से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने जो आठ 'कटौती प्रस्ताव' या 'संशोधन प्रस्ताव' सदन में पेश किए, उसने कई सवालों को जन्म दे दिया। इसके तहत सदन में विपक्ष के नेता के खर्च की सीमा को बढ़ाने और मेयर के विवेकाधिकार कोष को 500 करोड़ रुपए तक कम करने की मांग की गई। इससे यह सवाल उठने लगे कि क्या 'आप' विपक्ष में बैठने की तैयारी शुरू कर चुकी है?
दरअसल, दिल्ली नगर निगम में 'आप'के पार्षदों की संख्या लगातार कम होती गई है और उनमें से कई मुख्य विपक्षी बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। इससे एमसीडी में सत्ता का संतुलन डगमगाता दिखा है और आशंका जताई जा रही है कि यहां भी 'आप' के हाथ से बहुमत निकल सकता है।

MCD AAP and BJP: विपक्ष के नेता के खर्च की सीमा बढ़ाने की मांग
एचटी की एक रिपोर्ट के अनुसार 'आप' ने अपने प्रस्ताव में विपक्ष के नेता के खर्च की सीमा को 4 लाख रुपए से बढ़ाकर 7 लाख रुपए करने की बात कही। यह पद मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते अभी बीजेपी के पास है।
इसके अलावा, पार्टी ने मेयर (AAP के) के विवेकाधिकार कोष को 500 करोड़ रुपए से घटाकर 10 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा, जिससे बची हुई रकम का इस्तेमाल संविदा कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति के लिए किया जा सके, जिसका हाल ही में पार्टी ने वादा किया है।
दिल्ली नगर निगम: AAP के कदम का BJP ने किया विरोध
नेता प्रतिपक्ष (BJP) राजा इकबाल सिंह ने 'आप' के इन पहलों की आलोचना करते हुए कहा, 'आप अपनी ही योजनाओं को पलट रही है। पिछले साल इन्होंने मेयर के लिए बड़े विवेकाधिकार कोष की व्यवस्था की थी, अब उसे कम करने की बात कर रही है। विपक्ष के नेता का खर्च सफाई बजट से जोड़ा जा रहा है, जिसका हम विरोध करेंगे।'
Municipal Corporation of Delhi: एमसीडी में आंकड़ों का नया गणित?
आंकड़ों को देखने से लगता है कि एमसीडी में इस समय 'आप' अल्पमत में है। दिल्ली विधानसभा चुनावों में बीजेपी की शानदार जीत के बाद आप के कई पार्षदों के पाला बदलने से भाजपा के पास 116 पार्षद हो चुके हैं, जबकि आप के पास 114 और कांग्रेस के पास 8 पार्षद रह गए हैं। ऐसे में मध्य अप्रैल के बाद होने वाले मेयर चुनावों को देखते हुए 'आप' के ये कदम राजनीतिक चर्चा का विषय बन गए हैं।
MCD AAP: बीजेपी और आप में मचा हुआ है घमासान
यही वजह है कि एमसीडी सदन की कार्यवाही हंगामेदार रह रही है। बीजेपी जहां बहुमत परीक्षण की मांग भी कर रही है, वहीं आप भाजपा पर 'संविधान की हत्या' करने जैसे आरोप लगाने में जुटी है। दरअसल, सदन में सत्ता संतुलन में बदलाव के बाद अब दोनों दल अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे दिख रहे हैं।
आप के इन कदमों को सियासी गलियारों में उसके विपक्ष में बैठने की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। वहीं कुछ राय ऐसी भी है कि यह उनकी अगली चुनावी रणनीति का हिस्सा है। वैसे एमसीडी में आखिरकार सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा, इसके लिए लगभग एक महीने इंतजार करना पड़ सकता है।












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