सिसोदिया के ऑक्सीजन से हुईं मौतों के दावे पर बोले मनसुख मंडाविया- अभी देर नहीं हुई, 13 अगस्त तक रिपोर्ट भेजें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दिल्ली सरकार के उन आरोपों का जवाब दिया है जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई मौतों के बारे में पूछताछ नहीं की।
नई दिल्ली, 11 अगस्त। ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच बहस रुकने का नाम नहीं ले रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दिल्ली सरकार के उन आरोपों का जवाब दिया है जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई मौतों के बारे में पूछताछ नहीं की। मंडाविया ने मंत्रालय द्वारा भेजे गए स्क्रीनशॉट को संलग्न करते हुए कहा कि अभी भी देरी नहीं हुई है, दिल्ली सरकार 13 अगस्त तक अपना डेटा भेज सकती है।

मंडाविया ने बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा, 'आदरणीय सिसोदिया जी, ये मेल की कॉपी है जिसे मेरे मंत्रालय की ओर से 26 जुलाई को दिल्ली सरकार को भेजा गया था। अभी भी देरी नहीं हुई है। आप 13 अगस्त तक अपना डेटा भेज सकते हैं ताकि हम संसद में अपना जवाब दे सकें। अपने अधिकारियों के साथ समीक्षा करने के बाद, कृपया जल्द से जल्द आवश्यक डेटा भेजें।'
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केंद्र पर लगाया डेटा न मांगने का आरोप
बता दें कि सोमवार को मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था केंद्र ने कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों पर कोई डेटा नहीं मांगा है। उन्होंने आगे कहा था कि ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों पर गहन जांच की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा था कि मैंने एक लेटर में पढ़ा कि केंद्र सरकार ने कोरोना से होने वाली मौतों पर राज्यों से आंकड़े मांगे, लेकिन हमें केंद्र की ओर से कोई लेटर नहीं मिला।
ऑक्सीजन से हुई मौतों पर गहन जांच की जरूरत
उन्होंने कहा कि हम यह स्वीकार करते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान औक्सीजन का संकट हुआ था, लेकिन बिना जांच के यह बताना मुश्किल है कि ऑक्सीजन की कमी से कितने लोगों की मौत हुई। इसलिए इस विषय पर गहन जांच की जरूरत है। वहीं केंद्र ने संसद भवन में कहा कि उसे 13 राज्यों से ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों के आंकड़े प्राप्त हुए हैं जिनमें से केवल 1 राज्य ने ऑक्सीजन की कमी से मौतों को स्वीकार किया है।
केंद्र सरकार के मुताबिक केवल पंजाब ने अपने यहां ऑक्सीजन की कमी से 4 लोगों की मौत की पुष्टि की है। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने 4 मई को दिल्ली हाई कोर्ट में एक रिपोर्ट दी थी जिसमें उसने कहा था कि दिल्ली के जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में हुई 21 मौतों पर हम यह नहीं कह सकते कि ये मौतें ऑक्सीजन की कमी से ही हुई हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस रिपोर्ट का बचाव करते हुए कहा था कि यह रिपोर्ट प्रारंभिक जांच के आधार पर सौंपी गई है और इस मामले में एक गहन जांच की जरूरत है।












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