Delhi LPG Crisis: दिल्ली में सिर्फ 20% सिलेंडर सप्लाई का नया नियम लागू, किन लोगों को मिलेगी प्राथमिकता?
Delhi LPG Crisis: देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) संकट दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन में आई बाधा और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब रसोई तक पहुंच गया है। दिल्लीवासियों के लिए फिलहाल मुश्किल हालात दिख रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गैस वितरण पर सख्त नियंत्रण लागू कर दिया है। नया '20 फीसदी सप्लाई रूल' लागू किया गया है।
नए नियम के तहत, अब मांग के मुकाबले केवल 20 प्रतिशत एलपीजी सिलेंडर ही बाजार में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका मतलब है कि सामान्य दिनों की तुलना में करीब 80 प्रतिशत सप्लाई घट गई है। इस फैसले के बाद शहर में गैस सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। लोगों को बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलने में ज्यादा समय लग सकता है।

Delhi LPG Crisis: अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता
- सीमित स्टॉक का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक प्रायोरिटी लिस्ट (Priority List) तैयार की है।
- इस सूची में सबसे पहले स्वास्थ्य सेवाओं को रखा गया है। राजधानी के सभी सरकारी और निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर को गैस सप्लाई में प्राथमिकता दी जाएगी।
- सरकार का मानना है कि मरीजों की देखभाल और अस्पतालों की रसोई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
- इसके बाद दूसरी प्राथमिकता शैक्षणिक संस्थानों को दी गई है। स्कूलों, कॉलेजों और उनके हॉस्टल या कैंटीन में चलने वाली मेस को भी गैस उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि छात्रों को भोजन की समस्या न हो।
LPG Crisis: रेस्टोरेंट और होटल पर पड़ेगा ज्यादा असर
गैस की कमी का सबसे बड़ा असर व्यावसायिक संस्थानों पर पड़ने की संभावना है। प्रशासन के अनुसार बड़े रेस्टोरेंट, होटल और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठानों को उनकी जरूरत के मुकाबले काफी कम गैस उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि इन्हें प्राथमिकता सूची में रखा गया है, लेकिन सप्लाई कैप के कारण इन्हें भी कटौती का सामना करना पड़ेगा। आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
Delhi LPG Rule: क्या है 20% वाला नियम?
20 प्रतिशत सप्लाई का मतलब है कि सिलेंडर की डिलीवरी में देरी होना तय है और लोगों को अपने घरेलू गैस उपयोग को सावधानी से मैनेज करना होगा। सरकार ने इन सबके बीच लोगों से किसी भी तरह के अफवाह से बचने की अपील की है।
वैश्विक तनाव से प्रभावित हुई सप्लाई
विशेषज्ञों के अनुसार इस संकट की सबसे बड़ी वजह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई रूट में आई बाधा है। Iran-Israel conflict के कारण समुद्री रास्तों से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कई देशों में गैस की उपलब्धता कम हो गई है।
दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में जहां रोजाना हजारों सिलेंडरों की खपत होती है, वहां सप्लाई में इतनी बड़ी कटौती ने लगभग आपात स्थिति पैदा कर दी है। तेल कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि वे सरकार के निर्देशों के अनुसार सप्लाई कर रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कालाबाजारी न हो तथा जरूरतमंद क्षेत्रों को पहले गैस उपलब्ध कराई जाए।












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