दिल्ली के जीबी रोड की 5 सीक्रेट बातें जो नहीं जानते होंगे आप, यहां पढ़ें सबकुछ एक जगह
दिल्ली के जीबी रोड के बारे में सुनते ही आपलोगों के मन में केवल रेड लाइट एरिया की बात आती है। बस आपलोग इसे केवल बदनाम गली समझते हैं। लेकिन इसके बारे में 5 ऐसी बाते हैं जो कि बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपलोगों को उसी के बारे में बताएंगे। तो चलिए विस्तार से जानिए इससे जुड़ी 5 सीक्रेट बातें।
जीबी रोड है पुराना नाम अब ये है नया नाम
सबसे पहले आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस जगह का नाम अभी जीबी रोड नहीं, बल्कि स्वामी श्रद्धानंद मार्ग है। लेकिन लोग अभी भी इसे जीबी रोड के नाम से ही जानते हैं। यहां तक कि जीबी रोड के सरकार बोर्ड पर भी श्रद्धानंद मार्ग लिखा है। नीचे पढ़ें और चार बड़ी बातें...

कैसे नाम पड़ा जीबी रोड
बता दें कि दिल्ली में पहले 5 बड़े कोठा थे। इन सभी कोठा को ब्रिटिश कमिश्नर गारस्टिन ने उन्हें एक रेड लाइड एरिया में तब्दील कर दिया। इसके बाद इस इलाके का नाम गारस्टिन के नाम पर ही गारस्टिन बास्टियन रोड यानी जीबी रोड पड़ गया।
देह व्यापार नहीं बल्कि लूटपाट के लिए बदनाम है जीबी रोड
अगर आपको लग रहा है कि जीबी रोड को यहां देह व्यापार करने वाली महिलाओं की वजह से 'बदनाम' बोला जा रहा है तो शायद आप गलत हैं। आपको बता दें कि यहां की तंग गलियों में चोरी और लूटपाट समेत कई अपराधों को अंजाम दिया जाता है। यहां से गुजरने वाले लोग सोशल मीडिया पर अपना दुख दर्द साझा करते हैं।
50 रुपये तक में लड़कियों से करवाया जाता देह व्यापार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हालत ऐसी होती है कि कभी कभी मासूम लड़कियां 50 रुपये में ग्राहक के साथ जाने को तैयार हो जाती हैं। हालांकि कुछ लड़कियां कोठे भी बदलते रहती हैं क्योंकि उसे उस मुताबिक पैसे नहीं मिलते हैं।
बाइकर्स गैंग का रहता है आतंक
कभी कभी 20 साल से कम के युवा रात में दर्जनों की संख्या में आकर बाइक से हुड़दंग मचाते हैं। पुलिस की पहरेदारी के बावजूद ये लोग यहां शोर-गुल करते हैं। कभी कभी पुलिस को लाठी चार्ज भी करनी पड़ती है।












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