लॉकडाउन में मजदूरों को फ्लाइट से घर भेजने वाला किसान जिंदगी की जंग हार गया, इस बात से परेशान होकर की आत्महत्या
नई दिल्ली, 24 अगस्त। कोरोना काल में जब पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ था तो हर कई अपने-अपने स्तर पर लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहा था। देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग लॉकडाउन के चलते फंस गए थे। बिहार के भी कुछ मजदूर कोरोना काल में फंस गए थे। इस दौरान दिल्ली के एक किसान ने इन मजदूरों की मदद के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया था और इनके लिए फ्लाइट के टिकट बुक किए थे।

मंदिर में शव मिला
लेकिन अब इस किसान को लेकर सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार मजदूरों की मदद करने वाले इस किसान ने मंगलवार की शाम आउट नॉर्थ दिल्ली स्थित टिगी पुरी गांव में अपने घर पर आत्महत्या कर ली। वहीं पप्पन सिंह की मौत को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। दरअसल पप्पन हर रोज शाम को 4 बजे मंदिर जाते थे। लेकिन मंगलवार को मंदिर के पट बंद थे। शाम को पांच बजे जब पुजारी अंदर गए तो देखा कि पप्पन रस्सी से लटके हैं।

माधुरी दीक्षित ने भी की थी तारीफ
किसान की पहचान पप्पन सिंह गहलोत के रुप में हुई है। पुलिस के अनुसार आत्महत्या से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमे उन्होंने अपनी बीमारी का जिक्र किया है, इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। किसान की पत्नी और एक बेटी है। रिपोर्ट के अनुसार पप्पन सिंह गहलोत की कहानी को खुद फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने एक रेडियो शो के दौरान साझा किया था और बताया था कि कैसे उन्होंने मुश्किल समय में लोगों की मदद की थी।

ट्रेन टिकट नहीं मिला तो फ्लाइट से भेजा
कोरोना काल में मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए पप्पन सिंह ने कई कोशिश की थी। उन्होंने इन किसानों के लिए श्रमिक ट्रेन भी बुक करने की कोशिश की थी, लेकिन जब वह किसानों के लिए ट्रेन में बुकिंग नहीं करा सके तो आखिरकार उन्होंने इन मजदूरों के लिए फ्लाइट का टिकट बुक किया और इन्हे अपने घर पहुंचाने में मदद की। उनके इस प्रयास की लोगों ने काफी तारीफ भी की थी।

10 मजदूरों का कराया था फ्लाइट टिकट
पप्पन ने लॉकडाउन के दौरान 10 मजदूरों को हवाई जहाज का टिकट खरीदकर दिया था। इसके लिए उन्होंने 68 हजार रुपए खर्च किए थे। ये सभी मजदूर पप्पन सिंह के पास ही काम करते थे। प्रवासी मजदूरों को पप्पन ने भरोसा दिया था कि मैं आपको प्लेन में बैठाकर ही जाऊंगा। ये सभी मजदूर पहली बार प्लेन में बैठे थे। पूरे देश में पप्पन की तारीफ हुई थी। बता दे कि पप्पन सिंह मशरूम की खेती करते थे। ये किसान इनके पास पिछले दो-तीन दशक से काम कर रहे थे। इसमे से कुछ मजदूर बिहार के थे, जिन्हें घर भेजने के लिए पप्पन ने फ्लाइट की टिकट बुक कराई थी।












Click it and Unblock the Notifications