विवादित बयान पर दिल्ली महिला आयोग ने गहलोत को लगाई फटकार, कहा- ना बोलें 'बलात्कारियों की भाषा'
नई दिल्ली, 8 अगस्त: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को बढ़ते रेप केस को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे पूरे देश की सियासत गर्मा गई है। इस बयान को लेकर अब दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने गहलोत को फटकार लगाई है। साथ ही उनसे 'बलात्कारियों की भाषा' का इस्तेमाल बंद करने को कहा है। DCW के मुताबिक निर्भया पर उनके बयान असंवेदनशील हैं और बलात्कार पीड़ितों की भावनाओं को आहत करते हैं।
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अपने बयान में DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि सीएम गहलोत बलात्कारियों की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने निर्भया का मजाक उड़ाया है, उससे रेप पीड़ितों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। हमने कानून लाने के लिए बहुत संघर्ष किया कि छोटे बच्चों के बलात्कारियों को फांसी दी जाए। मालीवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि गहलोत को अपने राज्य में कानून को सख्ती से लागू करना चाहिए, क्योंकि राजस्थान में बलात्कार के कई मामले सामने आए हैं।
ये था सीएम का बयान
मीडिया से बात करते हुए रविवार को गहलोत ने कहा कि निर्भया कांड के बाद दोषियों के लिए फांसी का कानून आ गया, जिसके चलते रेप के बाद हत्या की घटनाओं में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि रेप करने वाला देखता है कि कल ये मेरे खिलाफ गवाह बन जाएगी, इस वजह से वो उसकी हत्या कर देता है। देश में दिख रहा ये खतरनाक चलन चिंता का विषय है।
निर्भया की मां ने की निंदा
वहीं निर्भया की मां आशा देवी ने भी गहलोत के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ये बहुत शर्मनाक बयान है, ये दर्दनाक है, खासकर उन परिवारों और लड़कियों के लिए जो इस तरह के जघन्य अपराधों की शिकार हुई हैं। उन्होंने (सीएम गहलोत) निर्भया का मजाक उड़ाया, कानून उनकी सरकार ने बनाया। उन्होंने कहा कि ये कानून आने से पहले भी बलात्कार पीड़ितों की हत्या कर दी जाती थी।












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