दिल्ली : अब बिना फिटनेस सर्टिफिकेट परिवहन वाहनों की खैर नहीं, 10 हजार तक का जुर्माना या फिर जेल
नई दिल्ली, 01 मई: दिल्ली परिवहन विभाग (Delhi Transport department ) ने अब बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के परिवहन वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दिल्ली परिवहन विभाग ने फिटनेस के वैध प्रमाण पत्र के बिना चलने वाले सरकारी विभागों सहित परिवहन वाहनों के मालिकों और ड्राइवरों को 10,000 रुपए तक का जुर्माना और यहां तक कि जेल सहित कार्रवाई की चेतावनी दी है।

विभाग ने यह कदम तब उठाया गया है जब विभाग ने पाया कि रोड पर ऐसे कई वाहन मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम का उल्लंघन करते हुए वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना चलते पाए गए। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रवर्तन टीमों को सड़कों पर ऐसे वाहनों की तलाश जारी रखने के लिए कहा गया है और जल्द ही उल्लंघन करने वालों को पकड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया जाएगा।
परिवहन विभाग द्वारा हाल ही में जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है कि "परिवहन विभाग द्वारा यह देखा गया है कि सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से संबंधित परिवहन वाहनों सहित कई मालिक या चालक वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना परिवहन वाहन चला रहे हैं, जो मोटर वाहन अधिनियम, 1988 का घोर उल्लंघन है।
सार्वजनिक सेवा वाहनों, मालवाहक वाहनों, बसों और स्कूलों और कॉलेजों के कैब का उपयोग करने वाले सभी वाहन मालिकों और ड्राइवरों के पास एक वैध वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र होना चाहिए। नोटिस में कहा गया है कि एमवी अधिनियम की धारा 56 के अनुसार, एक परिवहन वाहन को वैध रूप से पंजीकृत नहीं माना जाता है, जब तक कि उसके पास दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी फिटनेस का वैध प्रमाण पत्र न हो।












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