Delhi Result: दिल्ली में कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ती फिर भी क्यों हारती AAP? संदीप दीक्षित ने बताई अंदर की बात
Delhi Result: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुना लड़े कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने दावा किया है कि अगर इस बार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) मिलकर चुनाव लड़ती तो सत्ताधारी दल का और भी बुरा हाल होता। उनका कहना है कि 10 पार्टियां भी केजरीवाल के साथ गठबंधन कर लेतीं तो भी दिल्ली की जनता उन्हें हराने का मन बना चुकी थी।
संदीप दीक्षित ने जो मुद्दे उठाए हैं या कांग्रेस और आप की हार के जो कारण गिनाए हैं, उससे कहीं न कहीं वह बिना नाम लिए अपनी ही पार्टी की रणनीति और एजेंडे पर भी सवाल उठा रहे हैं।

Delhi Result Congress AAP: हम साथ लड़ते तो और भी बुरा हश्र होता- संदीप दीक्षित
संदीप दीक्षित साफ तौर पर कह रहे हैं कि जो लोग इस मुगालते में हैं कि अगर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन कर लिया होता तो बीजेपी सत्ता में नहीं आती, उन्हें दिल्ली के मतदाताओं के बारे में पता नहीं है।
कांग्रेस नेता ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा है, "दिल्ली ने किसी को हराया नहीं, दिल्ली ने केजरीवाल को मुख्यमंत्री के रूप में हटाया है। हम साथ लड़ते तो और भी बुरा हश्र होता...दिल्ली की जनता ने तय कर लिया था कि अरविंद केजरीवाल को हराना है। सात-आठ-दस पार्टियां भी उनके साथ लड़ लेतीं तो भी वे हारते। उनका हारना तय था, निश्चित था।"
Delhi Result Arvind Kejriwal: केजरीवाल के कुशासन, भ्रष्टाचार के खिलाफ पड़ा वोट- कांग्रेस नेता
दीक्षित का दावा है कि दिल्ली की जनता ने मूड बना लिया था कि केजरीवाल को हटा देना है और वह सिर्फ विकल्प तलाश रहे थे। उन्होंने कहा, "उनके कुशासन, उनके भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट पड़ा है...साथ लड़ने, नहीं लड़ने से ये थोड़े ही होता है कि एक खराब सरकार दोबारा चुनी जाएगी।"
Delhi Result: दिल्ली के वोटरों में डर था कि कांग्रेस और AAP फिर से हाथ न मिला लें- कांग्रेस उम्मीदवार
इसके साथ ही दीक्षित का कहना है कि 2024 में आप और कांग्रेस के गठबंधन कर लेने की वजह से लगता है वोटरों को यह डर हो गया कि हो सकता है कि अगर कांग्रेस को वोट दिया तो कहीं फिर ये दोनों बाद में हाथ ना मिला लें।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे ने कहा, "हमने जो मुद्दे उठाए, उससे एक एंटी-आम आदमी पार्टी वेब तो दिल्ली में चल गई...जो माहौल बना उनके खिलाफ वह हमारी पार्टी ने मुद्दे उठाए...लेकिन बहुत सारे वोटरों ने मुझसे कहा कि आप तो 2024 में साथ लड़े थे, हम कैसे जानें कि दोबारा साथ नहीं हो जाएंगे..."
Delhi Result: दिल्ली के वोटरों ने कांग्रेस और आप को एक जैसा देखा?
दीक्षित का मानना है कि "वह एक ऐसा विकल्प देख रहे थे, जहां उन्हें इलेक्शन के बाद गलती से अरविंद केजरीवाल का चेहरा न दिख जाए। इतनी घृणा और नफरत अरविंद केजरीवाल के खिलाफ वोटरों में हो गई थी। शायद हम भी उस बात को पूरी तरह से नहीं पढ़ पाए...शायद हमें भी आगे-पीछे उनकी परछाई में लोगों ने देखा।"
Delhi Result: आप को कैसे मिल गए इतने वोट, संदीप दीक्षित ने बताई वजह
इसके साथ ही कांग्रेस नेता का कहना है कि दलित और मुसलमान भी केजरीवाल को नहीं चाहते थे, लेकिन उन्हें डर था कि अगर कहीं वोट बंटा तो भाजपा जीत जाएगी, इसलिए आप को उतने वोट मिल गए, नहीं तो पार्टी की जितनी सीटें आई हैं, उसकी आधी सीटें भी नहीं आतीं।
5 फरवरी, 2025 को हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजे 8 फरवरी को आए हैं। इसमें दिल्ली की 70 सीटों में भाजपा ने 48 सीटें जीतकर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत पा ली है। वहीं अरविंद केजरीवाल की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी मात्र 22 सीटें ही जीत सकी और कांग्रेस ने खाता नहीं खोल पाने की हैट्रिक बना डाली।












Click it and Unblock the Notifications