Delhi Ration Card Rule Change: अब पहले आओ पहले पाओ नहीं, आबादी तय करेगी कोटा,नया खाद्य सुरक्षा नियम लागू
Delhi Ration Card Rule Change: दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने वालों के लिए बड़ा बदलाव कर दिया गया है। अब राजधानी में राशन कार्ड पुराने "पहले आओ, पहले पाओ" सिस्टम के आधार पर जारी नहीं होंगे। दिल्ली सरकार ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम 2025 को लागू कर दिया है।
नए नियमों के तहत अब हर जिले में राशन कार्ड का कोटा वहां की आबादी के अनुसार तय किया जाएगा, ताकि असली जरूरतमंदों तक ही सरकारी योजना का लाभ पहुंचे।

जिले की आबादी से तय होगा राशन कार्ड का कोटा (Delhi District Wise Ration Card Quota)
अब तक दिल्ली में राशन कार्ड के लिए जिलेवार कोई तय सीमा नहीं थी। जो भी व्यक्ति न्यूनतम पात्रता पूरी करता था और पहले आवेदन करता था, उसे राशन कार्ड मिल जाता था।
लेकिन नए नियमों के तहत सरकार ने फैसला किया है कि जब तक अगली जनगणना नहीं होती, तब तक हर जिले की आबादी के अनुपात में राशन कार्ड का कोटा तय किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी एक इलाके में जरूरत से ज्यादा कार्ड जारी न हों और जरूरतमंद पीछे न छूटें।
डीएम की अध्यक्षता में बनेगी जांच कमिटी (District Level Committee)
नए सिस्टम में राशन कार्ड जारी करने से पहले जिला स्तर पर एक कमिटी बनाई जाएगी। इस कमिटी की अध्यक्षता संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट करेंगे। यह कमिटी आवेदनों की जांच करेगी और यह तय करेगी कि किस परिवार को राशन कार्ड की सबसे ज्यादा जरूरत है। सरकार का मानना है कि इससे पात्र और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान बेहतर तरीके से हो सकेगी।
पीडीएस की खामियों से वंचित रह जाते थे लोग (PDS System Issues)
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में करीब 8.27 लाख राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए वैकेंसी मौजूद है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों के कारण राशन कार्ड से वंचित रह जाते थे। दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम 2025 के जरिए इन्हीं कमियों को दूर करने की कोशिश की गई है।
आय सीमा बढ़ी, अपात्रों को बाहर किया गया (Eligibility Rules Changed)
सरकार ने पात्रता के नियमों में भी अहम बदलाव किए हैं। अब राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, आयकर देने वाले लोग, सरकारी कर्मचारी, चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार, ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता और तय क्षेत्रों में संपत्ति रखने वाले परिवारों को योजना से बाहर कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे सब्सिडी का लाभ केवल जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।
शिकायतों के लिए बनेगी तीन स्तरीय कमिटी (Three Tier Grievance System)
राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतों और गड़बड़ियों को दूर करने के लिए सरकार ने नया शिकायत निवारण तंत्र भी तैयार किया है। अब फेयर प्राइस शॉप स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर तीन अलग अलग कमिटियां बनाई जाएंगी। इसके अलावा निगरानी के लिए चार स्तर की विजिलेंस व्यवस्था भी लागू की गई है। फेयर प्राइस शॉप स्तर पर फूड सप्लाई ऑफिसर की अध्यक्षता में कमिटी काम करेगी।
सरकार का दावा, अब नहीं लटकेगी शिकायतें (Government Assurance)
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा कि नए नियमों के लागू होने से राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें अब लंबित नहीं रहेंगी। पारदर्शी व्यवस्था और सख्त जांच के जरिए फर्जी लाभार्थियों को बाहर किया जाएगा और सही लोगों को समय पर राशन कार्ड मिलेगा। सरकार का दावा है कि यह बदलाव दिल्ली की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाएगा।












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