Delhi Earthquake: किसी ने गड़गड़ाहट सुनी, कोई चीखने लगा, किसी को मौत के दर्शन! जानें भूकंप की भयावहता का मंजर
Delhi NCR Earthquake: दिल्ली और आस-पास के इलाकों में सोमवार (17 फरवरी), अल सुबह अचानक धरती हिलने लगी, जिससे लोग डरकर घरों से बाहर भागने लगे। भूकंप का झटका हल्का था, लेकिन इतना तेज कि लोगों को लगा जैसे पास से कोई ट्रेन गुजर रही हो। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.0 मापी गई, और इसका केंद्र दिल्ली के धौला कुआं इलाके में था।
सुबह करीब 5:37 बजे जब ज़्यादातर लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक जमीन हिलने लगी। झटके इतने तेज थे कि लोगों ने बिना कुछ सोचे समझे घरों से बाहर भागना शुरू कर दिया। कई लोगों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे कोई पुल गिरने वाला हो या कोई भारी वाहन तेजी से गुजर रहा हो।

रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कई यात्री अपने ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक जमीन कांपने लगी। एक यात्री ने कहा कि ऐसा लगा जैसे कोई ट्रेन जमीन के नीचे चल रही हो, सब कुछ हिल रहा था। वहीं, स्टेशन पर मौजूद एक दुकानदार अनीश ने बताया कि झटके महसूस होते ही ग्राहक घबराकर इधर-उधर भागने लगे। ग्राहक चीखने लगे।
रेलवे स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे एक अन्य यात्री ने कहा कि हमें ऐसा लगा जैसे कोई ट्रेन भूमिगत चल रही हो। सब कुछ हिल रहा था। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे एक यात्री ने कहा, "मैं वेटिंग लाउंज में था। सभी लोग वहां से भागे। ऐसा लगा जैसे कोई पुल टूट गया हो।
दिल्ली के लोग डरे, भूकंप की आवाज भी सुनी गई
भूकंप के दौरान कुछ लोगों ने गड़गड़ाहट जैसी आवाज भी सुनी, जो आमतौर पर कम गहराई वाले भूकंप में सुनाई देती है। सीता राम बाजार के रहने वाले अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने पहले कभी इतने तेज झटके महसूस नहीं किए थे। उन्होंने कहा कि दिल का मरीज हूं, इसलिए और भी ज्यादा घबरा गया। हमने तुरंत बच्चे को उठाया और बाहर आ गए।
नोएडा और गाजियाबाद में भी झटके महसूस किए गए। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि पूरा फ्लैट हिलने लगा था। हम सब डर के मारे भाग खड़े हुए।
दिल्ली भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्यों है?
दिल्ली भूकंपीय क्षेत्र-IV में आता है, यानी यहां बड़े भूकंप आने की संभावना हमेशा बनी रहती है। यह इलाका हिमालयी टेक्टोनिक प्लेटों के करीब है, जिससे समय-समय पर झटके महसूस होते रहते हैं। 2020 में भी दिल्ली-NCR में कई छोटे भूकंप आए थे, जिनमें से कुछ की तीव्रता 3.5 से 4.4 के बीच थी।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स ?
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली और आसपास के इलाकों में हर 2-3 साल में छोटे भूकंप आते रहते हैं, लेकिन इनसे कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। फिर भी, लोगों को सतर्क रहने और भूकंप के समय सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है।
भूकंप आने पर क्या करें?
- अगर घर में हों: तुरंत किसी मजबूत टेबल या बेड के नीचे छुप जाएं और सिर को हाथों से ढक लें।
- अगर बाहर हों: खुले मैदान में चले जाएं, पेड़ों, बिजली के खंभों और इमारतों से दूर रहें।
- अगर गाड़ी चला रहे हों: गाड़ी रोक दें और अंदर ही रहें, लेकिन पुलों या इमारतों के नीचे न रुकें।
- अगर ऊंची इमारत में हों: लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों से बाहर निकलें।
दिल्ली-NCR में यह भूकंप हल्का था, लेकिन यह याद दिलाने के लिए काफी था कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications