टॉप हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर बनने की ओर दिल्ली के बढ़ते कदम, मोहल्ला क्लिनिक साबित हो रहा अहम कड़ी
कोरोना वायरस जैसी महामारी के दौरान दिल्ली सरकार की मोहल्ला क्लिनिक योजना काफी सराहनीय रही है।
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर: दिल्ली एक घनी आबादी वाला शहर होने के साथ-साथ भारत के सबसे व्यस्त शहरों में से एक है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पिछले दिनों की तुलना में देखा जाए तो स्वास्थ्य की दिशा में काफी सुधार हुआ है। इसका प्रमुख कारण दिल्ली के प्रदूषण पर नियंत्रण रहा है, जिसके लिए मौजूदा सरकार ने कई प्रयास किए। इसके साथ ही दिल्ली के इलाकों में मौजूद मोहल्ला क्लिनिक की सुविधा एक बड़े और व्यस्त शहर में आम जन के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। लोगों को अब उनके मोहल्ले में ही प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल रही है। खासकर कोरोना जैसी महामारी के दौरान दिल्ली सरकार की यह योजना काफी सराहनीय रही है।

दिल्ली शहर में वर्तमान में 519 मोहल्ला क्लिनिक हैं, जिनके माध्यम से दिल्ली वासियों को 212 विभिन्न प्रकार के परीक्षणों सहित मुफ्त प्राथमिक उपचार की सेवाएं मिलती हैं। मरीजों का सही डेटा रखने और बीमारी की जानकारी के लिए दिल्ली सरकार ने आधे से अधिक मोहल्ला क्लिनिक में टैबलेट की व्यवस्था उपलब्ध कराई है। मोहल्ला क्लिनिक में मरीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 60,000 से अधिक मरीजों को इलाज की सुविधा प्रतिदिन दिल्ली में इन मोहल्ला क्लिनिक के द्वारा उपलब्ध होती है।
इस व्यवस्था में कोई लापरवाही ना हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने मॉनिटरिंग की पुख्ता व्यवस्था की है। 260 मोहल्ला क्लिनिक को टैबलेट दिया गया है। जिनमें प्रतिदिन क्लिनिक पर आने वाले मरीजों की संख्या दर्ज की जाती है। मरीजों की संख्या के सही डेटा उपलब्ध कराने के साथ इन क्लिनिक के चिकित्सकों और कर्मचारियों का वेतन यहां पंजीकृत होने वाले मरीजों की संख्या पर निर्भर करता है।
गरीब तबके के लिए बेहद अहम है ये योजना
स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली सरकार की यह स्कीम समाज में उस तबके के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात है, जो भीड़-भाड़ वाले शहर में अपनी छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्या के लिए ना तो अस्पताल जा पाते हैं और ना ही इसके लिए उनके पास समय होता है। ऐसे में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था ना होने से वो धीरे-धीरे एक बड़ी बीमारी के शिकार हो जाते हैं। इनमें दिहाड़ी मजदूर या फिर कम आय वर्ग के परिवार शामिल हैं, जो सरकार चिकित्सालयों की भीड़ की वजह या फिर निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के कारण अपनी बीमारी का शुरूआत में इलाज नहीं करा पाते।
दिल्ली सरकार की मोहल्ला क्लिनिक वाली सुविधा को लेकर शहरवासी बेहद संतुष्ट हैं। दिल्ली में सफलता के बाद अब आम आदमी पार्टी की सरकार अपनी इस योजना को पंजाब में भी लागू कर चुकी है। दिल्ली सरकार के मुताबिक मोहल्ला क्लिनिक पर रजिस्ट्रेशन से लेकर डाटा एंट्री की सभी प्रक्रियाएं अब डिजिटल होंगी। जिससे आंकड़ों को विश्लेषण करके रोग-वार नीतियां तैयार भी तैयार की जा सकेंगी। इससे मोहल्ला क्लिनिक में मरीजों की संख्या में हेराफेरी करने की कोई गुंजाइश भी नहीं होगी।
11 नए अस्पताल तैयार कर रही केजरीवाल सरकार
दिल्ली स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति के साथ एक मजबूत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ खड़ा होने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहा है। सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे नए अस्पताल मील का पत्थर साबित होंगे और हमारे हेल्थ रिसोर्सेज को बढ़ाने का काम करेंगे। हाल ही में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस विषय पर कहा था कि दिल्ली वालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए केजरीवाल सरकार राजधानी में 11 नए अस्पताल तैयार कर रही है। विश्वस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ राष्ट्रीय राजधानी में 100 और मोहल्ला क्लिनिक खोलने की प्रकिया जारी है, जोकि दिल्ली के हेल्थ रिसोर्सेज को बढ़ाने के साथ वर्ल्ड क्लास की मेडिकल सुविधाएं देंगे।












Click it and Unblock the Notifications