Delhi Metro: अब इस रूट पर भी मिलेगी मेट्रो की सुविधा! जल्द तैयार होंगे 13 नए स्टेशन, करोड़ों का बजट पास
Delhi Metro Expansion: दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दिल्ली मेट्रो फेज-4 के विस्तार को हरी झंडी दे दी गई है। इस नए प्रोजेक्ट के तहत मेट्रो अब दिल्ली के उन दिल कहे जाने वाले इलाकों तक पहुंचेगी, जहाँ कनेक्टिविटी की भारी कमी थी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस नए विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किलोमीटर के जादुई आंकड़े को पार कर जाएगा। भारत अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन गया है।

प्रोजेक्ट की 5 बड़ी बातें
इस नए कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली की तस्वीर बदल जाएगी:
- कुल बजट: ₹12,015 करोड़ का निवेश।
- नया रूट: 16 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर (आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ)।
- स्टेशनों की संख्या: कुल 13 नए स्टेशन बनेंगे (10 भूमिगत और 3 एलिवेटेड)।
- डेडलाइन: सरकार ने इसे अगले 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
- कनेक्टिविटी: मैजेंटा लाइन का विस्तार सीधा आरके आश्रम को इंद्रप्रस्थ से जोड़ेगा।
अब 'कर्तव्य पथ' और 'भारत मंडपम' पहुंचना होगा आसान
इस फेज की सबसे बड़ी खासियत इसका रूट है। पहली बार मेट्रो सीधे सेंट्रल विस्टा और इंडिया गेट के पास से गुजरेगी। केंद्र सरकार के करीब 60,000 कर्मचारी अब बिना ट्रैफिक के सीधे ऑफिस (कर्तव्य भवन) पहुंच सकेंगे।
इंडिया गेट और नेशनल वॉर मेमोरियल घूमने आने वाले रोजाना 2 लाख से ज्यादा लोगों को अब ऑटो-कैब के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इन प्रमुख इलाकों में बनेंगे नए स्टेशन
नया मेट्रो रूट दिल्ली के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण इलाकों को कवर करेगा:
आरके आश्रम ➔ शिवाजी स्टेडियम ➔ सेंट्रल सेक्रेटेरियट ➔ कर्तव्य भवन ➔ इंडिया गेट ➔ वॉर मेमोरियल/हाई कोर्ट ➔ भारत मंडपम ➔ इंद्रप्रस्थ।
अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली मेट्रो के फेज 5A (Phase 5A) को मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में 16 किलोमीटर लंबी एक नई मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 12,015 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसमें कुल 13 नए स्टेशन बनाए जाएंगे।
इस विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो का पूरा नेटवर्क 400 किलोमीटर के पार पहुंच जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस लाइन का ज्यादातर हिस्सा जमीन के नीचे (Underground) होगा। इसके लिए बड़ी मशीनों (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि सड़क पर चलने वाले ट्रैफिक को कोई परेशानी न हो। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 3 साल के भीतर इस काम को पूरा कर लिया जाए, जिससे लाखों यात्रियों का सफर और भी आसान हो जाएगा।
पर्यावरण और जेब दोनों को फायदा
यह सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि दिल्ली की हवा सुधारने की दिशा में बड़ा कदम है:
- प्रदूषण में कमी: अनुमान है कि इस विस्तार से सालाना 33,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा।
- ट्रैफिक से आजादी: सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या घटेगी, जिससे जाम की समस्या कम होगी।
- सस्ता सफर: दिल्ली और एनसीआर के बीच यात्रा करने वालों का समय और पैसा दोनों बचेगा।












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