Delhi mayor election में क्यों हुआ हंगामा, भाजपा और AAP के एक दूसरे पर क्या हैं आरोप?
शुक्रवार को सबसे पहले उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा घोषित पीठासीन अधिकारी बीजेपी की सत्य शर्मा ने शपथ ग्रहण की। उसके बाद एलजी के मनोनीत 10 पार्षदों(एल्डरमैन) के शपथ ग्रहण का सिलसिला शुरू हुआ।

दिल्ली नगर निगम के मेयर के चुनाव में शुक्रवार को जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी और आम आदमी पार्टी के पार्षदों हाथापाई और मारपीट पर उतर आए। सदन में जबरतदस्त हंगामे को देखते हुए उसे स्थगित तक करना पड़ा। आप के पार्षद पीठासीन अधिकारी के मनोनीत सदस्यों को पहले शपथ दिलाए जाने से नाराज थे।
शुक्रवार को सबसे पहले उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा घोषित पीठासीन अधिकारी बीजेपी की सत्य शर्मा ने शपथ ग्रहण की। उसके बाद एलजी के मनोनीत 10 पार्षदों(एल्डरमैन) के शपथ ग्रहण का सिलसिला शुरू हुआ। जिसे लेकर आप के पार्षदों ने आपत्ति जाहिर की। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि पहले चुने हुए पार्षदों का शपथ ग्रहण होना चाहिए। देखते ही देखते बीजेपी के पार्षदों की ओर से भी नारे लगने लगे और यह नारेबाजी हंगामा और मारपीट में तब्दील हो गई।
एल्डरमैन की नियुक्ति पर AAP को आपत्ति
आप नेता मुकेश गोयल ने खड़े होकर इसका विरोध करते हुए कहा कि ऐसा तो बीते 15 साल से होते हुए आया है, अब इसको बदलना होगा। आप पार्षदों ने बेल में आकर हंगामा करना शुरू कर दिया और फिर वो पीठासीन अधिकारी की मेज के सामने आकर नारेबाजी की। एलजी द्वारा की गई एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर आम आदमी पार्टी की मुख्य चिंता एमसीडी में समीकरण बिगड़ने की है।
दरअसल दिल्ली में मेयर के चुनाव में हार-जीत में अंतर कम रहने वाला है। इसको लेकर बीजेपी और आप जोड़तोड़ में जुटी हुई हैं। मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने को लेकर आप की ओर से आरोप लगाया गया कि बीजेपी 10 मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार देने की साजिश रच रही है। हालांकि मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार नही हैं।
एल्डरमैन ऐसे बिगाड़ सकते हैं आप के समीकरण
लेकिन स्टैंडिंग कमिटी मेंबर और जोन चेयरमैन के चुनाव में मनोनीत पार्षद वोट डाल सकते हैं। इससे एमसीडी में नीतिगत फैसले लेने वाली स्टैंडिंग कमेटी में आम आदमी पार्टी के समीकरण बिगड़ सकते हैं। जोनल इलेक्शन में भी इसका असर पड़ सकता है। इसी वजह से आप एल्डरमैन की नियुक्ति का कड़ा विरोध कर रही है।
इस हंगामें दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर रहा कि, एमसीडी में अपने कुकर्मों को छिपाने के लिए और कितना गिरोगे भाजपा वालो! चुनाव टाले, पीठासीन अधिकारी की ग़ैरक़ानूनी नियुक्ति, मनोनीत पार्षदों की ग़ैरक़ानूनी नियुक्ति, और अब जनता के चुने पार्षदों को शपथ न दिलवाना....अगर जनता के फ़ैसले का सम्मान नहीं कर सकते तो फिर चुनाव ही किसलिए?
वहीं बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने केजरीवाल की पार्टी पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है। मनोज तिवारी ने कहा कि ''49 से 134 होते ही आप के पार्षदों ने शुरू की गुंडागर्दी। धक्के मारना, लड़ना झगड़ना, कानून को ना मानना ये ही सच है इस गुंडा पार्टी का। केजरीवाल खुद अपने घर बुला कर अफ़सर और नेताओं को धमकाते और पिटवाते हैं तो उनके चेलों से और क्या उम्मीद कर सकते हैं।












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