अरविंद केजरीवाल का यूटर्न, दिल्ली में अगले 6 महीने तक लागू रहेगी पुरानी शराब नीति
अरविंद केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल में चल रही तनातनी के बीच राजधानी की नई आबकारी नीति में अब एक नया मोड़ आ गया है।
नई दिल्ली, 30 जुलाई: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल में चल रही तनातनी के बीच राजधानी की नई आबकारी नीति में अब एक नया मोड़ आ गया है। दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि अगले 6 महीनों के लिए राजधानी में पुरानी आबकारी नीति ही लागू रहेगी। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने ये फैसला ऐसे वक्त पर लिया है, जब पुरानी आबकारी नीति के खत्म होने में केवल दो दिन का ही समय बचा है। दरअसल दिल्ली की 'आबकारी नीति 2021-22' की अवधि 31 मार्च तक के लिए थी, लेकिन सरकार ने इसे दो बार 2-2 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया था और ये नीति 31 जुलाई को खत्म होने वाली थी।
Recommended Video

आबकारी मंत्रालय संभाल रहे दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने विभाग को नई शराब नीति आने तक छह महीने की अवधि के लिए पुरानी नीति को ही लागू रखने का निर्देश दिया। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति में शराब की होम डिलीवरी सहित कई नई सिफारिशें शामिल हैं। आबकारी विभाग फिलहाल इस नीति पर अभी काम कर ही रहा है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ड्राफ्ट पॉलिसी को मंजूरी के लिए एलजी वीके सक्सेना के पास भेजना अभी बाकी है।
आबकारी नीति को लेकर गर्माई सियासत
वहीं, इससे पहले शुक्रवार शाम को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी वीके सक्सेना से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एलजी के साथ उनके मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं हैं। दरअसल हाल ही में एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसके बाद राजधानी में सियासी माहौल गर्मा गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें ये सूचना बहुत पहले से है कि केंद्र सरकार किसी मामले में फंसाकर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार करना चाहती है।












Click it and Unblock the Notifications