JNU की पूर्व छात्रा शेहला रशीद की बढ़ी मुश्किलें, सुरक्षाबलों पर टिप्पणी के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी
JNU की पूर्व छात्रा शेहला राशिद के खिलाफ मुकदमा चलेगा, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अनुमति दी है। सुरक्षाबलों पर टिप्पणी करने से जुड़े मामले में केस चलाने की अनुमति दी गई है।

Shehla Rashid News: JNU की पूर्व छात्रा शेहला रशीद पर मुकदमा चलेगा, जिसकी उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी है। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष और आइसा की सदस्य शेहला राशिद पर सेना विरोधी ट्वीट के लिए देशद्रोह के आरोप में मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई है।
सेना विरोधी ट्वीट्स के मामले में केस को मंजूरी
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद की मुसीबत बढ़ती नजर आ रही हैं। शेहला के खिलाफ सेना विरोधी ट्वीट्स के लिए मुकदमा चलाने की मंजूरी उपराज्यपाल की ओर से दे दी है। दिल्ली के वकील अलख आलोक श्रीवास्त ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
शेहला राशिद ने भारतीय सेना के बारे में दो ट्वीट किए थे। दिल्ली एलजी कार्यालय के एक बयान में बताया गया कि "उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जेएनयूएसयू के पूर्व उपाध्यक्ष और एआईएसए के सदस्य शेहला रशीद के खिलाफ भारतीय सेना के बारे में 2 ट्वीट करने के लिए मुकदमा चलाने की मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव के रखरखाव के लिए प्रतिकूल कृत्यों में शामिल होना था।"
कश्मीर की रहने वाली शेहला राशिद के खिलाफ 2019 में एक मामला दर्ज किया गया था, जब उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया था कि सशस्त्र बल जम्मू और कश्मीर में घरों में घुस रहे हैं, लड़कों को उठा रहे हैं, घरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं, जानबूझकर फर्श पर राशन गिरा रहे हैं, चावल के साथ तेल मिला रहे हैं।' दूसरे ट्वीट में लिखा था, 'शोपियां में 4 लोगों को आर्मी कैंप में बुलाया गया और 'पूछताछ' (यातना) की गई। उनके पास एक माइक रखा गया था, ताकि पूरा इलाका उनकी चीखें सुन सके और आतंकित हो सके। इससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।
शेहला के खिलाफ एक वकील ने राजद्रोह कानून के तहत मामला दर्ज किया था। एलजी ने सीआरपीसी, 1973 की धारा 196 के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है।












Click it and Unblock the Notifications