मनीष सिसोदिया के आरोपों को LG अनिल बैजल ने बताया निराधार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा सरकारी अधिकारियों के साथ की गईं बैठकों को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया।
नई दिल्ली, 22 जुलाई। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा सरकारी अधिकारियों के साथ की गईं बैठकों को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया। सिसोदिया को लिखे एक पत्र में, बैजल ने कहा कि लेफ्टिनेंट गवर्नर का कार्यालय भारत के संविधान और लोकतंत्र के सिद्धांतों के प्रति सर्वोच्च सम्मान रखता है और सत्ता के विभाजन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में उनके द्वारा बुलाई गई सभी बैठकें उपराज्यपाल के कार्यालय के संवैधानिक प्रावधानों और जिम्मेदारियों के अनुसार थीं।

अनिल बैजल ने मनीष सिसोदिया द्वारा पत्र को सार्वजनिक करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि जो भी कारण हो संवैधानिक अधिकारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से संबंधित संवेदनशीलता के कारण पत्र को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए था। डिप्टी सीएम को उनके साथ व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी।
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इससे पहले दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने अनिल बैजल के कार्यों को लोकतंत्र की हत्या और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन करार दिया था। सिसोदिया ने उपराज्यपाल द्वारा दिल्ली सरकार के अधिकारियों को उन विषयों पर निर्देश जारी करने के लिए आपत्ति जताई थी जो निर्वाचित सरकार के दायरे में आते हैं। मनीष सिसोदिया ने अनिल बैजल को लिखे पत्र में कहा था कि वे सरकार के दायरे में आने वाले विषयों पर फैसला न लें।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच काफी लंबे समय से गतिरोध चल रहा है, लेकिन अब 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों और इस साल गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली से संबंधित मामलों में विशेष लोग अभियोजकों की नियुक्ति को लेकर फिर से विवाद बढ़ता नजर आ रहा है।












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