बवाना स्टेडियम को अस्थाई जेल बनाने की मांग को दिल्ली सरकार ने ठुकराया, कहा- किसानों की मांगें सही
Farmers Protest: अपनी मांगों को लेकर हरियाणा, पंजाब और यूपी के हजारों किसान आज दिल्ली पहुंचने लगे हैं। किसानों के 'दिल्ली चलो' विरोध मार्च को देखते हुए केंद्र सरकार ने बॉर्डरों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही, केंद्र सरकार ने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के सामने बवाना स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने का प्रस्ताव रखा था।
केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को अरविंद केजरीवाल सरकार ने ठुकरा दिया है। दिल्ली सरकार के गृह मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि किसानों के आज दिल्ली कूच के मद्देनजर बवाना स्टेडियम को अस्थाई जेल बनाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को दिल्ली सरकार ने खारिज कर दिया है।

कैलाश गहलोत ने कहा कि किसानों की मांगें जायज हैं और शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए किसानों को गिरफ्तार करना गलत है। उन्होंने कहा कि किसान हमारे 'अन्नदाता' हैं। केंद्र सरकार को उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित करना चाहिए और उनके मुद्दों का समाधान करना चाहिए।
इतना ही नहीं, आम आदमी पार्टी के ऑफिशियल एक्स हैंडल से एक वीडियो भी शेयर किया गया है। साथ ही लिखा हैं कि, मोदी की देश के अन्नदाताओं से नफ़रत का सबसे बड़ा प्रमाण है कि किसानों को दिल्ली में एंट्री करने से रोकने के लिए कीलों वाली बैरिकेडिंग हाईवे पर लगा दी गई है।
जो अन्नदाता किसान देश का पेट भरने के लिए ज़मीन पर फसल उगाते हैं, पीएम मोदी ने उन्हीं किसानों को रोकने के लिए रास्ते में कीलों का जाल बिछाया है। आप ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा देश के अन्नदाता किसानों को रोकने के लिए जितनी ताक़त लगाई जा रही है, उससे कम ताक़त में तो MSP क़ानून बन सकता है। लेकिन नीयत हो तब ना।
आपको बता दें कि फसलों के लिए MSP की गारंटी वाला कानून बनाने की मांग को लेकर हरियाणा, पंजाब और यूपी के किसान दिल्ली की तरफ बढ़ रहे है। किसानों के विरोध मार्च को देखते हुए ITO चौराहे पर दिल्ली पुलिस के जवान तैनात है। साथ ही, CRPF की धारा 144 लागू की गई है। तो वहीं, कुरुक्षेत्र में किसान आंदोलन के मद्देनजर सीमा पर CRPF और हरियाणा पुलिस बल तैनात की गई है।












Click it and Unblock the Notifications